गोरखपुर । गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गोरखनाथ मंदिर परिसर में सप्तदिवसीय श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भक्ति और ज्ञान के बिना जीवन अंधकार, अज्ञान और अराजकता की ओर बढ़ता है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का आदर्श जीवन समाज को मर्यादा, कर्तव्य और संस्कृति का संदेश देता है।
भक्ति और ज्ञान से जीवन होता है सार्थक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भक्ति व्यक्ति के जीवन को सकारात्मक दिशा देती है और ज्ञान उसे विवेक प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि दोनों के समन्वय से ही जीवन में संतुलन, शांति और सुगमता आती है।
हर सनातनी के जीवन में बसते हैं प्रभु श्रीराम
सीएम योगी ने कहा कि भगवान श्रीराम केवल एक आराध्य नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि “जय श्रीराम” और “राम-राम जी” केवल अभिवादन के शब्द नहीं, बल्कि सनातन परंपरा और संस्कारों की पहचान हैं। उनके अनुसार हर सनातनी के श्वास-श्वास में प्रभु श्रीराम का वास है।
तीर्थस्थल भारतीय संस्कृति के जीवंत केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रमुख तीर्थस्थल भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा को समझने का सर्वोत्तम माध्यम हैं। उन्होंने बताया कि अयोध्या मर्यादा, काशी जीवन के रहस्यों, मथुरा-वृंदावन भक्ति और प्रयागराज समरसता का संदेश देते हैं।
वैदिक परंपरा के साथ निकली भव्य शोभायात्रा
श्रीराम कथा के शुभारंभ से पहले गोरखनाथ मंदिर से कथा स्थल तक श्रीरामचरितमानस की पवित्र पोथी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और बैंडबाजों के बीच निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
सात दिनों तक चलेगी श्रीराम कथा
प्रयागराज से पधारे कथा व्यास आचार्य शांतनु जी महाराज द्वारा श्रीराम कथा का शुभारंभ किया गया। कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होगा।
संत-महात्माओं और जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में महंत राजूदास, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विभिन्न विधायक, संत-महात्मा तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

