मथुरा। गांधी जयंती के अवसर पर जिला न्यायालय परिसर से बाल संरक्षण और विधिक जागरूकता को लेकर प्रभात फेरी निकाली गई। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 600 लोगों ने भाग लिया। प्रभात फेरी के माध्यम से आमजन और विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम, बाल अधिकारों और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक किया गया।
न्यायिक अधिकारियों ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष विकास कुमार ने की। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों और अन्य अतिथियों के साथ महात्मा गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रभात फेरी में विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं के अलावा न्यायिक एवं पुलिस अधिकारी, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, न्यायिक कर्मचारी, पैनल अधिवक्ता, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्य और विधि महाविद्यालयों के विद्यार्थी शामिल हुए।
गांधी और शास्त्री के विचारों को किया याद
जनपद न्यायाधीश विकास कुमार ने कहा कि महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, समानता और कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता के विचार आज भी समाज के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विधिक जागरूकता का उद्देश्य केवल कानून की जानकारी देना नहीं है, बल्कि लोगों को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना भी है।
विद्यार्थियों को POCSO एक्ट और बाल अधिकारों की जानकारी
विशेष जागरूकता अभियान के तहत विद्यालयों और कॉलेजों में बच्चों को पॉक्सो अधिनियम 2012, बाल अधिकारों और बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है। जनपद न्यायाधीश ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में परिवार, विद्यालय और समाज की सामूहिक भूमिका है।
50 से अधिक स्कूल-कॉलेजों में हुए जागरूकता कार्यक्रम
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता सिंह ने बताया कि अभियान के तहत जनपद के करीब 50 विद्यालयों और कॉलेजों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को पॉक्सो कानून, बाल संरक्षण और उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि प्रभात फेरी इसी अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसमें बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी बच्चों की सुरक्षा और कानूनी जागरूकता के प्रति सामाजिक संवेदनशीलता को दर्शाती है।
प्रभात फेरी के बाद विद्यार्थियों को बांटा रिफ्रेशमेंट
प्रभात फेरी के समापन के बाद जनपद न्यायाधीश विकास कुमार ने विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं को रिफ्रेशमेंट पैकेट वितरित किए। कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों का जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आभार जताया गया।
बाल संरक्षण और विधिक जागरूकता का दिया संदेश
प्रभात फेरी के दौरान बाल संरक्षण और कानूनी जागरूकता से जुड़े संदेशों के जरिए लोगों को बच्चों के अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाया गया। आयोजन का उद्देश्य गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को याद करने के साथ समाज में कानून, बाल सुरक्षा और कमजोर वर्गों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

