नोएडा के प्रमुख उद्योग मार्ग को बेहतर और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इस मार्ग के सुधार का कार्य अगले महीने से शुरू होने जा रहा है। इसके लिए जारी किए गए टेंडर की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। कार्य शुरू होने के बाद इसे पूरा करने में लगभग छह महीने का समय लगेगा। पूरे प्रोजेक्ट के लिए करीब 9 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया है।
2.5 किलोमीटर सड़क का होगा कायाकल्प
यह मार्ग सेक्टर-1 गोलचक्कर से सेक्टर-11 झुंडपुरा तिराहे तक फैला हुआ है, जिसकी कुल लंबाई लगभग ढाई किलोमीटर है। इस हिस्से में सड़क की मरम्मत, नाला-नाली निर्माण, फुटपाथों को दुरुस्त करने के साथ-साथ अन्य बुनियादी सुधार कार्य किए जाएंगे। खास बात यह है कि इस पूरे हिस्से में बिजली, पानी, टेलीकॉम जैसी सभी यूटिलिटी लाइनों को अंडरग्राउंड किया जाएगा, जिससे भविष्य में बार-बार खुदाई की समस्या न हो।
नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के पास का प्रमुख मार्ग
इस मार्ग का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यहीं के पास नोएडा प्राधिकरण का कार्यालय स्थित है। इसी रास्ते से प्राधिकरण के सीईओ, एसीईओ सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी प्रतिदिन आवागमन करते हैं। ऐसे में इस सड़क का बेहतर और सुगम होना प्रशासनिक और आम नागरिक-दोनों के लिए जरूरी है।
एक सप्ताह में कंपनी का होगा चयन
नोएडा प्राधिकरण ने उद्योग मार्ग को बेहतर बनाने के लिए पिछले महीने टेंडर जारी किया था। अब टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ते हुए फाइनेंशियल बिड खोली जा चुकी है। सबसे कम दर लगाने वाली एजेंसी की फाइल मंजूरी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के पास भेजी गई है। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, एक सप्ताह के भीतर एजेंसी का चयन कर आगे की औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी।
शोरूम और ट्रैफिक व्यवस्था भी होगी बेहतर
अधिकारियों ने बताया कि उद्योग मार्ग पर खुले शोरूमों के बाहर की अव्यवस्था को भी व्यवस्थित किया जाएगा। फिलहाल प्राधिकरण कार्यालय के सामने और कट पॉइंट पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी होती है। सड़क के दुरुस्तीकरण के साथ ट्रैफिक फ्लो को भी सुचारू बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मॉडल रोड की जगह अब होगा समग्र सुधार
गौरतलब है कि पहले इस मार्ग को मॉडल रोड के रूप में विकसित करने की योजना थी, लेकिन अब इसे पूरी तरह दुरुस्त और आधुनिक स्वरूप देने का निर्णय लिया गया है। उद्योग मार्ग के सुधरने से न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि आसपास के औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों को भी सीधा लाभ मिलेगा।

