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Noida News: 90 करोड़ से बिजली लाइन भूमिगत, गर्मी तक 6 सब स्टेशन होंगे चालू

शहर में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और निर्बाध बनाने के लिए नोएडा में लो टेंशन बिजली लाइनों को भूमिगत किया जा रहा है। Noida Authority के अनुसार सेक्टर-15ए में इस परियोजना का करीब 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि अगला चरण सेक्टर-47 में शुरू किया जाएगा। दोनों सेक्टरों में इस योजना पर लगभग 90 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

200 करोड़ से घटकर 90 करोड़ हुआ प्रोजेक्ट

प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत में यह प्रोजेक्ट करीब 200 करोड़ रुपये का था, लेकिन बाद में प्राधिकरण ने बिजली विभाग की भूमिगत योजना को अलग कर दिया, जिससे बजट घटाकर 90 करोड़ रुपये कर दिया गया। इन दोनों सेक्टरों में कार्य पूरा होने के बाद पूरे सिस्टम का टेस्ट किया जाएगा। यदि परियोजना सफल रहती है, तो नोएडा के सभी पुराने और नए सेक्टरों में भी बिजली लाइनों को भूमिगत करने की योजना लागू की जाएगी। नए सेक्टरों में भविष्य को ध्यान में रखते हुए केबल के लिए डक्ट सिस्टम भी बनाया जा सकता है।

फॉल्ट कम होंगे, बिजली आपूर्ति होगी बेहतर

बिजली लाइन भूमिगत होने से फॉल्ट की संख्या में कमी आएगी और आपूर्ति व्यवस्था अधिक स्थिर होगी। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल केवल सेक्टरों के अंदर की लो टेंशन लाइनें ही भूमिगत की जा रही हैं।

बिजली चोरी पर भी लगेगा अंकुश

भूमिगत लाइन व्यवस्था से बिजली चोरी पर भी प्रभावी रोक लग सकेगी। हालांकि एरियल बंच कंडक्टर (ABC) लाइन में चोरी पहले से ही कठिन है, लेकिन भूमिगत केबल होने से अवैध कनेक्शन और छेड़छाड़ की संभावनाएं और कम हो जाएंगी। इससे Uttar Pradesh Power Corporation Limited को भी निगरानी में मदद मिलेगी।

केबल फॉल्ट लोकेटर की संख्या बढ़ानी होगी

भूमिगत लाइन व्यवस्था के साथ केबल फॉल्ट लोकेटर (CFL) की संख्या बढ़ाने की जरूरत भी सामने आई है। फिलहाल विभाग के पास ऐसे केवल दो उपकरण हैं, जिनकी मदद से भूमिगत केबल में फॉल्ट का पता लगाया जाता है। सभी सेक्टरों में लाइन भूमिगत होने के बाद इन उपकरणों की संख्या बढ़ानी होगी, ताकि एक से अधिक सेक्टरों में फॉल्ट की स्थिति में समय पर समस्या का समाधान किया जा सके।

गर्मी में ओवरलोडिंग से राहत

गर्मी के मौसम में ओवरलोडिंग की समस्या से निपटने के लिए प्राधिकरण द्वारा 33/11 केवी के 19 नए सब स्टेशन बनाए जाने हैं। इनमें से करीब 6 सब स्टेशन का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिन्हें तेज गर्मी से पहले चालू कर दिया जाएगा। इससे बिजली लोड को इन नए सब स्टेशनों पर डायवर्ट किया जा सकेगा और कटौती की समस्या कम होगी। इसके अलावा 10 सब स्टेशनों के लिए भूमि बिजली विभाग को पहले ही उपलब्ध करा दी गई है, हालांकि इनका निर्माण इस सीजन में पूरा नहीं हो पाएगा।

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