नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद सड़क सुरक्षा को लेकर कड़े फैसले लिए हैं। प्राधिकरण ने शहर में 65 ब्लैक स्पॉट्स की पहचान की है। इनमें से 50 ब्लैक स्पॉट्स सीधे बिल्डरों से जुड़े पाए गए हैं, जिन्हें 3 से 5 दिनों के भीतर ठीक करने का अल्टीमेटम दिया गया है। तय समय में सुधार नहीं होने पर प्राधिकरण खुद काम कराएगा और संबंधित बिल्डरों पर भारी जुर्माना लगाएगा।
15 ब्लैक स्पॉट प्राधिकरण खुद सुधारेगा
शेष 15 ब्लैक स्पॉट्स ऐसे हैं, जिनकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्राधिकरण की है। इन स्थानों पर 15 दिनों के भीतर सुरक्षा रेलिंग, चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर, रोड मार्किंग, स्ट्रीट लाइट और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी, ताकि दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
जलभराव और ड्रेनेज पर भी फोकस
हादसे के बाद प्राधिकरण केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जलभराव और ड्रेनेज व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी गई है। शहर के 20 गांवों में ड्रेनेज सिस्टम सुधारने की योजना बनाई गई है। इनमें से 7 गांवों की परियोजनाओं को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है, जबकि शेष पर काम प्रगति पर है। प्राधिकरण का मानना है कि जलभराव कई दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बनता है।
पूरे नोएडा का होगा ड्रेनेज सर्वे
अब हादसों के बाद कार्रवाई के बजाय पहले से जोखिम पहचानकर कदम उठाने की रणनीति अपनाई जा रही है। इसी क्रम में पूरे नोएडा शहर का विस्तृत ड्रेनेज सर्वे कराने का निर्णय लिया गया है, ताकि कमजोर ड्रेनेज पॉइंट्स, ओवरफ्लो क्षेत्र और जलभराव से प्रभावित इलाकों की समय रहते पहचान कर सुधार किया जा सके।
सीईओ का सख्त संदेश
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि सभी वर्क सर्किलों ने दो दिनों में सर्वे पूरा कर ब्लैक स्पॉट्स चिन्हित कर लिए हैं। बिल्डरों से जुड़े 50 स्थानों पर सुधार के लिए 5 दिन की समय-सीमा तय की गई है। आदेश का पालन न करने पर प्राधिकरण कार्रवाई करेगा और खर्च संबंधित बिल्डर से वसूला जाएगा।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद तेज हुई कार्रवाई
इस घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर में सड़कों के गड्ढे भरने और सड़क सुरक्षा मजबूत करने के सख्त निर्देश दिए थे। इसके बाद नोएडा में सड़क किनारे स्थित भूखंडों, खुले बेसमेंट, जलभराव और सुरक्षा मानकों की व्यापक जांच कराई गई।
सांसद डॉ. महेश शर्मा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक
सड़क हादसों को कम करने के उद्देश्य से डीएम कार्यालय में सांसद सड़क सुरक्षा समिति और जिला विद्यालय वाहन परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता सांसद डॉ. महेश शर्मा ने की। बैठक में वर्ष 2021 से 2025 तक चिन्हित 152 ब्लैक स्पॉट्स और उन पर किए गए सुधार कार्यों की समीक्षा की गई। सांसद ने निर्देश दिए कि तय प्रोटोकॉल के अनुसार सभी ब्लैक स्पॉट्स पर स्पीड ब्रेकर, संकेतक बोर्ड, दिशा सूचक, ट्रैफिक सिग्नल और सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।
अब पहले रोकथाम, फिर राहत
नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि आगे से नीति रोकथाम पहले, हादसा नहीं की होगी। ब्लैक स्पॉट्स की समय पर पहचान और सुधार से शहर में सड़क सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

