गौतमबुद्धनगर में आज राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जनपद न्यायालय और सभी तहसील न्यायालयों में आयोजित लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस लोक अदालत का मकसद लंबित और सुलह योग्य मामलों का आपसी सहमति से जल्द और आसान तरीके से निस्तारण करना है। राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में अलग-अलग तरह के मामलों को आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निपटाने की प्रक्रिया चल रही है। इनमें मोटर दुर्घटना प्रतिकर, वैवाहिक विवाद, दीवानी मामले, चेक बाउंस से जुड़े केस, ई-चालान, बिजली से जुड़े मामले, भू-राजस्व और अन्य सुलह योग्य प्रकरण शामिल हैं।
इसके अलावा प्री-लिटिगेशन स्तर के बैंक ऋण, बिजली बिल और बीएसएनएल के टेलीफोन बिल से जुड़े मामलों का भी आपसी समझौते के जरिए निस्तारण कराया जा रहा है। लोगों की सुविधा के लिए अलग-अलग विभागों, बैंकों और वित्तीय संस्थाओं ने स्टॉल लगाए हैं, जहां संबंधित मामलों और शिकायतों के समाधान के लिए जानकारी और जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
लोक अदालत में सिर्फ कानूनी मामलों के समाधान की सुविधा ही नहीं, बल्कि जनसामान्य के लिए कई दूसरी सेवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। जिला कारागार, कौशल विकास केंद्रों और राजकीय सम्प्रेक्षण गृह के स्टॉल पर तैयार किए गए उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है। इनका उद्देश्य कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देना है।वहीं, स्वास्थ्य सेवाओं के तहत स्वास्थ्य और जांच शिविर भी लगाए गए हैं। लोगों के लिए स्वास्थ्य जांच के साथ निःशुल्क मोतियाबिंद और नेत्र जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
मोटर वाहन चालान और लंबित मामलों से जुड़ी जानकारी के लिए दीवानी न्यायालय की ओर से टेली सेवा भी शुरू की गई है। आज सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक 7678643985 नंबर पर संपर्क कर जरूरी जानकारी ली जा सकती है। इसके अलावा दीवानी न्यायालय परिसर में चार हेल्प डेस्क बनाए गए हैं, जहां लोग अपने मुकदमों और मोटर वाहन चालान से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।मोटर वाहन चालान के आसान निस्तारण के लिए पेमेन्ट सेतु लिंक की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। हेल्प डेस्क के जरिए लोग चालान के निस्तारण की प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं।
राष्ट्रीय लोक अदालत के जरिए लोगों को लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया से राहत दिलाने और सुलह के जरिए मामलों का जल्द समाधान करने की कोशिश की जा रही है। जनपद न्यायाधीश ने लोगों से अपील की है कि वे इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने सुलह योग्य मामलों का आपसी सहमति से निस्तारण कराएं।

