कुशीनगर: हाटा तहसील परिसर में शुक्रवार को आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अभ्यास के दौरान गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति में सुरक्षित तरीके से आग बुझाने, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को सूचना देने तथा राहत-बचाव की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया।
अधिकारियों और एनसीसी कैडेट्स ने लिया हिस्सा
मॉक ड्रिल में तहसील प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय नागरिक और श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज के एनसीसी कैडेट्स शामिल हुए। अभ्यास के जरिए प्रतिभागियों को आपदा के समय घबराने के बजाय निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करने की जानकारी दी गई।
गैस सिलेंडर में आग बुझाने का कराया अभ्यास
प्रशिक्षण के दौरान गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति को प्रदर्शित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसी परिस्थिति में किन सावधानियों के साथ आग पर काबू पाया जा सकता है। तहसील के अधिकारियों ने भी स्वयं आग बुझाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया।
फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को सूचना देने की प्रक्रिया समझी
मॉक ड्रिल के दौरान आपातकालीन स्थिति में फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को तुरंत सूचना देने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इसके साथ ही राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने और घायल व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का अभ्यास कराया गया। मौके पर फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की टीमें भी मौजूद रहीं।
अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग की टीम रही मौजूद
मॉक ड्रिल में नवागत ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयंक त्रिपाठी, तहसीलदार जया सिंह सहित तहसील प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएचसी प्रभारी डॉ. अजय सिंह ने भी अभ्यास में सहभागिता की। मॉक ड्रिल के माध्यम से तहसील प्रशासन ने आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय और राहत-बचाव व्यवस्था को प्रभावी बनाने का संदेश दिया।

