लखनऊ में उत्तर प्रदेश के DGP राजीव कृष्ण ने शामली में हुए अंकित बालियान हत्याकांड को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और मामले में शामिल सभी लोगों तक पहुंचने के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में जुटीं 11 टीमें
DGP के मुताबिक अंकित बालियान की हत्या एक सुनियोजित वारदात थी। घटना को अंजाम देने के लिए चार हथियारबंद लोगों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान और उनकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए 11 टीमें लगाईं। जांच के दौरान रेकी, ठहरने और भुगतान से जुड़े साक्ष्य भी जुटाए गए।
STF से मुठभेड़ में दो आरोपी मारे गए
पुलिस के अनुसार मामले में वांछित आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने पुलिस और STF की टीम पर फायरिंग की, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों को गोली लगी और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मारे गए आरोपियों की पहचान मोहित और सुमित के रूप में बताई गई है। पुलिस के अनुसार मोहित के खिलाफ हरियाणा में 14 मुकदमे दर्ज थे, जबकि सुमित के खिलाफ भी कई आपराधिक मामले बताए गए हैं। मौके से दो पिस्टल समेत अन्य सामान बरामद होने की जानकारी दी गई।
गोगी गैंग से कनेक्शन की जांच
DGP ने बताया कि जांच में आरोपियों के कथित तौर पर गोगी गैंग से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। सोशल मीडिया गतिविधियों और एक चर्चित गाने से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि हत्याकांड अचानक हुई वारदात नहीं, बल्कि कथित रूप से सुपारी लेकर की गई सुनियोजित हत्या हो सकती है। मामले में दो अन्य शूटरों की तलाश जारी है। इसके अलावा हथियार उपलब्ध कराने वालों और साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
यूपी-हरियाणा-दिल्ली पुलिस के बीच समन्वय
जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के साथ हरियाणा और दिल्ली पुलिस से भी सहयोग मिलने की बात सामने आई है। आरोपियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई और यूपी व हरियाणा में कई स्थानों पर छापेमारी की गई। DGP ने कहा कि उत्तर प्रदेश को अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने दिया जाएगा। राज्य से बाहर बैठकर आपराधिक गतिविधियों की साजिश रचने वालों के खिलाफ भी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विदेश में बैठे अपराधियों पर भी नजर
पुलिस अधिकारियों के अनुसार कुछ आपराधिक नेटवर्क के सदस्य विदेश में रहकर गतिविधियां संचालित करने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में भी कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है। गोगी गैंग से जुड़े नेटवर्क में विदेश में बैठे कथित अपराधियों और अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
लखनऊ हत्याकांड की जांच भी जारी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में लखनऊ की हालिया हत्या की घटना को लेकर भी जानकारी दी गई। DGP ने बताया कि मामले में आरोपियों को पकड़ा जा चुका है और वारदात के पीछे जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।
सोना तस्करी नेटवर्क पर भी इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई
DGP ने सोना तस्करी से जुड़े नेटवर्क को लेकर भी कहा कि पुलिस और संबंधित एजेंसियां इंटेलिजेंस आधारित ऑपरेशन चला रही हैं। नेपाल सीमा की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए वहां निगरानी और चेकिंग की जाती है। किसी आपराधिक नेटवर्क की जानकारी सामने आने पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर कार्रवाई की जाती है।
जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर
राजीव कृष्ण ने कहा कि प्रदेश में संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अपराध करने के बाद छिप जाने वाले आरोपियों और जेल या विदेश से साजिश करने वालों को भी कानून के दायरे में लाने का प्रयास जारी रहेगा। अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस की जांच अभी जारी है और शेष आरोपियों तथा कथित साजिश से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

