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हमीरपुर जिले में खनिज अधिकारियों की सरपरस्ती में जमकर हो रही लाल सोने की लूट

Looting of red gold is taking place under the patronage of mineral officials in Hamirpur district.

Looting of red gold is taking place under the patronage of mineral officials in Hamirpur district.

जिला खनिज अधिकारी हमीरपुर एवं भूपेंद्र यादव जिला खनिज अधिकारी झाँसी की मौन स्वीकृति से सरकार को करोड़ों के राजस्व का चूना

इस बाबत जब स्थानीय ग्रामीणों से पड़ताल की गयी तो उनका कहना है कि खनन कार्य पट्टे के लिए निर्धारित जगह से 2 किमी अन्दर घुसकर किया जा रहा है। और इस प्रकार दबंग खनन माफिया शासन व प्रशासन दोनों को एक तरह से खुली चुनौती भी दे रहे हैं।

लगातार खनन से नदी की जलधारा ने बदला रास्ता गाँव के कुओं, नलों का वाटर लेबल गिरने से ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें

इसी क्रम में झांसी जिले के तहसील गरौठा चलते हैं जहां पर भी बालू माफियाओं द्वारा धसान नदी से वैध खनन की आड़ में लगातार अवैध खनन किया जा रहा है। बताते चले कि हमीरपुर जिला के टोला खंगारन घाट पर खंड नंबर 5 में सागर परैक्षा के नाम से बालू घाट का पट्टा आवंटित है जिसे जावेद हबीब एवं नोसाद के द्वारा चलाया जा रहा है।

बालू माफियाओं बेफिक्र होकर एनजीटी के नियमों का उल्लंघन कर बड़ी बड़ी प्रतिबंधित मशीनों से अवैध खनन बदस्तूर कर रहे हैं । घाट संचालक के गुर्गों द्वारा दवंगई के दम पर निर्धारित सीमा से अधिक सीमा तक अवैध रूप से बालू का उठान किया जा रहा है। पट्टा का आबंटन हमीरपुर जिले में होने के बावजूद बालू माफिया झांसी जिले की सीमा में घुसकर लगातार अवैध खनन कर रहे हैं ।

 

झांसी प्रशासन बना हुआ है मौन

इधर , क्षेत्र में बालू खनन सरकार की नाक तले किया जा रहा है ,उधर झाँसी प्रशासन और खनिज विभाग सारी घटानाओं पर मौन साधे हुए है। ! तस्वीरों में साफ तौर पर देख सकते है की किस प्रकार एनजीटी के नियमों के विपरीत बड़ी- बड़ी पॉकलेंड मशीनों से नदी का सीना चीरकर खनन माफिया अवैध खनन करने में लगे है!

नदी की जलधारा को रोककर बना डाला रास्ता है। बालू माफियायों द्वारा नदी के बीच में कई जगह रास्ता बनाकर नदी का धारा को मोड़कर बीच जलधारा से बालू निकालकर बड़े बड़े गड्डे कर दिए हैँ जिसके कारण कभी भी कोई बड़ी अप्रिय घटना भी घटित हो सकती हैँ ! ग्राम खरवांच के लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस करवाई नहीं होती है। इस कारण खनन माफियाओं के हौंसले बुलन्द हैं। इसीलिए अब यह भी कहा जाने लगा है कि प्रशासन इन खनन माफियाओं पर कब और क्या कार्रवाई करता है या फिर उसके सामने नतमस्तक रहता है !

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