उत्तर प्रदेश के हाथरस में अधिवक्ताओं ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में न्यायालय परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर उनके इस्तीफे की मांग उठाई और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग किया गया, जिसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हुए। उन्होंने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की उठाई मांग
अधिवक्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। उनका कहना था कि प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग जैसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की अपील
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर उचित निर्णय लेने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मामलों का समाधान संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाना चाहिए।
बड़ी संख्या में अधिवक्ता रहे मौजूद
विरोध-प्रदर्शन में बृजमोहन राही, लल्लन बाबू एडवोकेट, योगेश कुमार, आर.पी. सिंह, वतन सिंह, गगन भारती, अनिल वर्धन, ओ.के., दुष्यंत चौधरी, योगेंद्र पाल सिंह, बालकिशन यादव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे।

