गोरखपुर: विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर गुरुवार को जटाशंकर में श्री श्री विश्वकर्मा पूजनोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर प्रदेशवासियों को विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं दीं।
आस्था के साथ कौशल और श्रम को सम्मान
विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर गोरखपुर में धार्मिक परंपरा के साथ निर्माण, शिल्प और तकनीकी कौशल से जुड़े कार्यों को सम्मान देने का संदेश भी देखने को मिला। भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और शिल्प कला का प्रतीक माना जाता है। इस दिन देशभर में कारखानों, कार्यशालाओं और विभिन्न प्रतिष्ठानों में मशीनों, औजारों और उपकरणों की पूजा करने की परंपरा है।
कारीगरों और तकनीकी विशेषज्ञों को दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वकर्मा जयंती पर कारीगरों, शिल्पकारों, श्रमिकों, अभियंताओं और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने निर्माण एवं सृजन के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों के परिश्रम के महत्व को रेखांकित किया।
स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली योजनाएं
पारंपरिक कारीगरों और हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण तथा स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें पीएम विश्वकर्मा योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) जैसी योजनाएं शामिल हैं।
कर्म और सृजन के सम्मान का पर्व
विश्वकर्मा जयंती के मौके पर गोरखपुर से कर्म, कौशल और सृजन से जुड़े लोगों के सम्मान का संदेश सामने आया। यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ उन लोगों के योगदान को रेखांकित करता है, जिनके श्रम और कौशल से निर्माण एवं उत्पादन की गतिविधियां आगे बढ़ती हैं।

