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Noida News: नोएडा में पानी की गुणवत्ता जांच के लिए हाईपावर तकनीकी समिति गठित

इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से हुई मौतों की घटना को गंभीरता से लेते हुए नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ के निर्देश पर जल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की एक हाईपावर तकनीकी समिति गठित की गई है। यह समिति शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था की गहन जांच करेगी, जिसमें पाइपलाइनों में रिसाव, जंग लगने की स्थिति, जलाशयों और वॉटर एटीएम में पानी की शुद्धता की जांच शामिल होगी।

विभिन्न क्षेत्रों से सैंपल लेकर सौंपेगी विस्तृत रिपोर्ट

प्राधिकरण के अनुसार समिति नोएडा के अलग-अलग सेक्टरों और क्षेत्रों से पानी के सैंपल एकत्र कर वैज्ञानिक तरीके से जांच करेगी। इसके आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपी जाएगी, ताकि भविष्य में इंदौर जैसी किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो और नागरिकों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

गंगा जल परियोजना को जनवरी 2026 तक पूरा करने के निर्देश

जल आपूर्ति की समीक्षा के दौरान 80 क्यूसेक गंगा जल परियोजना को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। सीईओ ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना से जुड़े सभी कार्य जनवरी 2026 तक हर हाल में पूरे किए जाएं, ताकि नोएडा में जल आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।

सड़क बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए विशेष टीम

समीक्षा बैठक के दौरान सड़क बुनियादी ढांचे की स्थिति को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। इस टीम में नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ वंदना त्रिपाठी और ओएसडी महेंद्र प्रसाद को शामिल किया गया है। टीम सड़क सुधार से जुड़े कार्यों की निगरानी करेगी।

15 दिन में तैयार होगी मास्टर प्लान रोड-3 की कार्ययोजना

सीईओ के निर्देश पर शुक्रवार को टीम ने मास्टर प्लान रोड-3 के पूरे स्ट्रेच का औचक निरीक्षण किया। टीम को 15 दिनों के भीतर सड़क सुधार के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यातायात और सड़क सुरक्षा में सुधार किया जा सके।

तालाब निर्माण में देरी पर नाराजगी, अंतिम चेतावनी

तालाबों के निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने गहरा असंतोष व्यक्त किया। निर्माण में देरी करने वाले ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों को अंतिम चेतावनी दी गई है और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

जन स्वास्थ्य अधिकारियों पर कार्रवाई, वेतन रोका गया

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान शहर की सफाई और जनस्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक मैकेनाइज्ड मशीनों और नालों की सफाई हेतु मीडियम साइज उपकरण खरीदने के निर्देश दिए गए। शहर में व्याप्त गंदगी को गंभीरता से लेते हुए जन स्वास्थ्य विभाग के चार में से तीन सहायक परियोजना अभियंताओं-उमेश चंद, राहुल गुप्ता और सुशील कुमार-को कारण बताओ नोटिस जारी कर वेतन रोक दिया गया है।

नागरिकों के स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर फोकस

नोएडा प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जल आपूर्ति, सड़क और स्वच्छता से जुड़े सभी कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

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