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काशी विश्वनाथ धाम में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का भव्य आयोजन, CM योगी व राज्यपाल शामिल

‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का भव्य आयोजन

‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का भव्य आयोजन

वाराणसी : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज Varanasi स्थित श्री काशी विश्वनाथ धाम में आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अंतर्गत ‘सोमनाथ संकल्प महोत्सव’ में शामिल हुए। कार्यक्रम में दोनों नेताओं ने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया और सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके साथ ही उन्होंने गुजरात के सोमनाथ मंदिर में आयोजित अमृत महोत्सव के अंतर्गत प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा किए गए दर्शन, कुम्भाभिषेक, ध्वजारोहण और संबोधन के सजीव प्रसारण को भी देखा।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता और स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मंदिर के विकास से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिला है, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार और शिक्षा के अवसर भी प्राप्त हुए हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सोमनाथ और काशी दोनों ही भारत की आध्यात्मिक चेतना के दो मजबूत स्तंभ हैं, जो देश की सनातन परंपरा को जीवंत बनाए हुए हैं।

राज्यपाल ने कहा कि इतिहास में अनेक आक्रमणों के बावजूद सोमनाथ मंदिर बार-बार पुनर्निर्मित हुआ, जो भारतीय संस्कृति की अदम्य शक्ति और पुनर्जन्म की भावना को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक विकास और सांस्कृतिक विरासत का संतुलन बनाए रखना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि सोमनाथ और काशी भारत की सभ्यतागत चेतना के दो ज्योति स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों जैसे काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और अयोध्या राम मंदिर का पुनर्विकास भारत की सांस्कृतिक पुनर्जागरण यात्रा को दर्शाता है।

सीएम योगी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत के स्वाभिमान और पुनर्जागरण का प्रतीक है, जबकि काशी विश्वनाथ धाम भारत की आध्यात्मिक धारा का केंद्र है। उन्होंने कहा कि दोनों स्थल मिलकर भारत की सांस्कृतिक एकता और सनातन परंपरा को मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं, जिसमें कलाकारों ने भक्ति और भारतीय परंपरा पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इससे पहले दोनों नेताओं ने मंदिर परिसर में आयोजित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की हजारों वर्षों की सांस्कृतिक यात्रा का प्रतीक है, जो आस्था, स्वाभिमान और पुनर्निर्माण की भावना को दर्शाता है।

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