उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में जन भवन में मथुरा स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विश्वविद्यालय के ई-ऑफिस सिस्टम का औपचारिक उद्घाटन भी किया गया, जिससे प्रशासनिक कार्यों में डिजिटल पारदर्शिता और तेजी लाने पर जोर दिया गया।
बैठक में विश्वविद्यालय द्वारा संचालित शैक्षणिक पाठ्यक्रमों, विद्यार्थियों की संख्या, स्नातकोत्तर और पीएचडी में प्रवेश वृद्धि, प्रौद्योगिकी के उपयोग, बजट के सही उपयोग, रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया, शिक्षक-छात्र अनुपात, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, अनुसंधान कार्य, फैलोशिप और पेटेंट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। राज्यपाल ने विशेष रूप से छात्राओं के बालिका छात्रावासों की स्थिति की समीक्षा करते हुए उनके स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं को न्यायालय में लंबित होने पर चिंता व्यक्त की और मेरिट आधारित, पारदर्शी एवं समयबद्ध भर्ती सुनिश्चित करने पर बल दिया। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए निःशुल्क सेवाएं और योजनाएं लागू करने की बात कही गई। गोवंश अनुसंधान और पशुपालन को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए गोबर से जैविक खाद और गैस उत्पादन की दिशा में कार्य करने के निर्देश भी दिए गए।
राज्यपाल ने बकरी पालन को केवल मांस उत्पादन तक सीमित न रखकर दूध, पनीर और चीज निर्माण से जोड़ने की सलाह दी। उन्होंने स्थानीय भाषा में रेडियो कार्यक्रमों के माध्यम से पशुपालन और कृषि से जुड़ी जानकारी फैलाने और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। छात्रावासों में स्वच्छ पेयजल, सफाई, वाशिंग मशीन और नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा, विश्वविद्यालय परिसर में सोलर पैनल, ऊर्जा संरक्षण, तालाब निर्माण, जन औषधि केंद्र, स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने जैसे सुझाव भी दिए गए। स्वयं सहायता समूहों को दुग्ध उत्पादन, पनीर निर्माण और विपणन से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में काम करने पर जोर दिया गया। बैठक में निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन और हर दो महीने में समीक्षा की बात कही गई।

