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गोरखनाथ मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना, धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए योगी आदित्यनाथ

गोरखपुर। गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित शक्तिपीठ में कलश स्थापना का धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया गया। गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर के भीम सरोवर से कलश में जल लिया और इसके बाद शक्तिपीठ पहुंचकर विधि-विधान से कलश स्थापना की। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा।

भीम सरोवर से जल लेकर शक्तिपीठ पहुंचे योगी आदित्यनाथ

अनुष्ठान के दौरान योगी आदित्यनाथ मंदिर परिसर स्थित भीम सरोवर से कलश में जल लेते दिखाई दिए। इसके बाद वह जल लेकर शक्तिपीठ पहुंचे, जहां पूजा-पद्धति के अनुसार कलश स्थापना की गई। सनातन परंपरा में कलश को पवित्रता, मंगल और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक अनुष्ठानों में कलश स्थापना का विशेष महत्व है।

नाथ संप्रदाय की परंपरा से जुड़ा है गोरखनाथ मंदिर

गोरखनाथ मंदिर गुरु गोरखनाथ की साधना और नाथ संप्रदाय की परंपरा से जुड़ा प्रमुख धार्मिक केंद्र है। यहां वर्षभर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, पर्व और आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। मकर संक्रांति के अवसर पर लगने वाला खिचड़ी मेला भी मंदिर की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल है।मंदिर परिसर की पूजा-पद्धति और धार्मिक गतिविधियां नाथ संप्रदाय की परंपराओं को दर्शाती हैं। कलश स्थापना का यह आयोजन भी मंदिर की धार्मिक मान्यताओं और पूजा-अर्चना की परंपरा का हिस्सा रहा।

श्रद्धा और मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ अनुष्ठान

कलश स्थापना के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, घंटियों की ध्वनि और पूजा-अर्चना के बीच मंदिर परिसर में धार्मिक माहौल देखने को मिला। इस आयोजन के माध्यम से गोरखनाथ मंदिर से जुड़ी धार्मिक परंपराओं और श्रद्धालुओं की आस्था की झलक सामने आई।

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