गोरखपुर महोत्सव के समापन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे योगी आदित्यनाथ ने समाज को जागरूक करने वाला सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दुधमुंहे बच्चों को स्मार्टफोन पकड़ा देना अपराध है और अभिभावकों को ऐसी गलती नहीं करनी चाहिए। स्मार्टफोन बच्चों को जिद्दी बनाता है और वे धीरे-धीरे डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। मुख्यमंत्री ने यात्रा के दौरान मोबाइल फोन साइलेंट रखने की भी अपील की और कहा कि मोबाइल के कारण सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे पूरे-पूरे परिवार उजड़ रहे हैं।
साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट को लेकर चेतावनी
सीएम योगी ने लोगों को मोबाइल के जरिए अनजान व्यक्तियों पर भरोसा न करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शॉर्टकट से पैसा कमाने के चक्कर में लोग साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि रवि किशन की नकल नहीं करनी है, नियमों का उल्लंघन करेंगे तो समाज गलत संदेश लेगा।
रवि किशन और कालीबाड़ी के बाबा पर चुटकी
मुख्यमंत्री ने मंच से हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि रवि किशन और कालीबाड़ी के बाबा की एक फिल्म आने वाली है। शूटिंग कहां होगी, यह नहीं पता, लेकिन उन्होंने मजाक में कहा कि फिल्म की शूटिंग उत्तर प्रदेश के बाहर ही की जाए। कालीबाड़ी के बाबा पर भी चुटकी लेते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर फोटो देखकर ही पता चलता है कि वे कब लखनऊ से गोरखपुर होकर लौट गए।
2017 से पहले और आज के गोरखपुर में जमीन-आसमान का अंतर
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले गोरखपुर विकास में पिछड़ा हुआ था। उस समय गुंडाराज, माफियाराज, बिजली संकट और गंदगी थी। गंदगी से मच्छर फैलते थे और बीमारी बढ़ती थी। उन्होंने कहा कि मच्छर और माफिया एक-दूसरे के पूरक होते हैं। आज डबल इंजन सरकार के कारण गोरखपुर ही नहीं, अयोध्या, काशी और प्रयागराज में भी व्यापक परिवर्तन दिखाई देता है।
भयमुक्त प्रदेश और इंसेफेलाइटिस पर नियंत्रण
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद प्रदेश को माफिया मुक्त और दंगा मुक्त बनाया गया। हर व्यापारी और उद्यमी को भयमुक्त वातावरण मिला। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के दो साल के भीतर इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण कर लिया गया। अब शासन की योजनाएं बिना मांगे जनता तक पहुंच रही हैं।
8 वर्षों में हजारों करोड़ का निवेश, 50 हजार युवाओं को रोजगार
सीएम योगी ने बताया कि गोरखपुर में बीते 8 वर्षों में हजारों करोड़ रुपये का निवेश हुआ है और 50 हजार से अधिक युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला है। इससे युवाओं का पलायन रुका है और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
गोरखपुर रत्न सम्मान से 6 विभूतियां सम्मानित
समापन से पहले रामगढ़ताल के सामने चंपादेवी पार्क में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 6 लोगों को गोरखपुर रत्न सम्मान प्रदान किया।
गोरखपुर रत्न से सम्मानित विभूतियां
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शिवम यादव (खेल) – अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी, थाईलैंड पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल 2025 के पदक विजेता।
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अनन्या यादव (खेल) – अंतरराष्ट्रीय हैंडबॉल खिलाड़ी, नवंबर 2025 में थाईलैंड में आयोजित IHF ट्रॉफी में रजत पदक।
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नीतिश सिंह (खेल) – अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही, किलिमंजारो, माउंट एलब्रुस और अरारत शिखर फतह करने वाले।
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प्रो. शरद मिश्रा (विज्ञान) – दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में प्रोफेसर, आर्सेनिक प्रदूषण और गॉलब्लैडर कैंसर पर महत्वपूर्ण शोध।
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अविनाश कुमार मौर्य (कृषि) – प्रगतिशील किसान, टमाटर की खेती से प्रति हेक्टेयर 10 लाख रुपये से अधिक लाभ।
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आशीष श्रीवास्तव (सामाजिक कार्य) – सक्रिय समाजसेवी।
गोरखपुर महोत्सव बना संस्कृति और रोजगार का मंच
इस वर्ष गोरखपुर महोत्सव का शुभारंभ प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने किया था। तीन दिवसीय महोत्सव में पूर्वी उत्तर प्रदेश की संस्कृति, कला और उत्पादों का भव्य प्रदर्शन हुआ। पहले दिन बॉलीवुड गायक वरुण जैन और तनिष्ठा पुरी, दूसरे दिन भोजपुरी नाइट में पवन सिंह और अंतिम दिन रैपर बादशाह की प्रस्तुति रही।
रवि किशन बोले- मुख्यमंत्री ने महोत्सव को रोजगार महोत्सव बनाया
कार्यक्रम में मौजूद रवि किशन ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर महोत्सव को रोजगार महोत्सव बना दिया है। यह भोजपुरी कलाकारों और युवाओं के लिए बड़ा मंच है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में 2027 में 2017 से भी बड़ी जीत सुनिश्चित है।
विरासत और विकास का प्रतीक बना गोरखपुर महोत्सव
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर महोत्सव विरासत के साथ विकास को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। मकर संक्रांति के अवसर पर लाखों लोग देशभर से यहां आते हैं और यह उत्सव समाज में उत्साह, उमंग और आत्मविश्वास का नया संचार करता है।

