लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से भारत में रूसी संघ के ट्रेड कमिश्नर एंड्रे सोबोलेव के नेतृत्व में आए रूसी कारोबारी प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। बैठक में उत्तर प्रदेश और रूस के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के साथ औद्योगिक साझेदारी के नए अवसरों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
रूसी निवेश की संभावनाओं पर चर्चा
बैठक में उत्तर प्रदेश में रूसी कंपनियों के लिए निवेश के संभावित क्षेत्रों पर खास तौर पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने औद्योगिक सहयोग को आगे बढ़ाने और प्रदेश में रूसी निवेश को प्रोत्साहित करने के अवसरों पर विचार साझा किए। इस दौरान निवेश प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने और कारोबारी सहयोग के लिए बेहतर माहौल तैयार करने से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में रहे।
इन सेक्टरों में सहयोग पर फोकस
बातचीत में कई औद्योगिक क्षेत्रों को संभावित सहयोग के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। इनमें मेट्रो कोच निर्माण, रेलवे उपकरण, हेवी इंजीनियरिंग, मशीनरी और औद्योगिक उपकरण प्रमुख रूप से शामिल रहे।इसके अलावा डिफेंस और एयरोस्पेस कंपोनेंट्स, ऊर्जा तकनीक तथा एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
यूपी के औद्योगिक इकोसिस्टम की जानकारी
रूसी कारोबारी प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश में मौजूद औद्योगिक ढांचे, कनेक्टिविटी और निवेश से जुड़ी नीतियों को संभावित साझेदारी के लिए महत्वपूर्ण पहलू बताया। प्रतिनिधिमंडल की ओर से रूसी कंपनियों के लिए निवेश प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने में रुचि व्यक्त की गई। इससे भविष्य में दोनों पक्षों के बीच कारोबारी संपर्क बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
औद्योगिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर
बैठक में उत्तर प्रदेश और रूस के बीच औद्योगिक सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर सहमति के साथ आगे की संभावनाओं पर चर्चा हुई। विशेष रूप से तकनीक, विनिर्माण और औद्योगिक निवेश से जुड़े क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने के अवसरों पर जोर दिया गया। इस मुलाकात के जरिए प्रदेश में रूसी कंपनियों के संभावित निवेश और दोनों पक्षों के बीच आर्थिक सहयोग को लेकर संवाद को आगे बढ़ाने की दिशा में चर्चा हुई।

