कुशीनगर। हाटा नगर के महाराणा प्रताप चौक स्थित एनएच-28 पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज में गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। पुल के छज्जे की ढलाई के दौरान उसे सहारा देने वाला सपोर्ट ट्रैक अचानक नीचे गिर गया। हादसे में तीन मजदूर घायल हो गए। घटना के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई और शुरुआती जानकारी के मुताबिक घायलों की हालत गंभीर नहीं है।
ढलाई के बीच अचानक भरभराकर गिरा सपोर्ट ट्रैक
जानकारी के अनुसार, करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे ओवरब्रिज के छज्जे की ढलाई का काम चल रहा था। इसी दौरान करीब आधी ढलाई पूरी होने के बाद सपोर्ट ट्रैक का एक हिस्सा मलबे के साथ नीचे आ गिरा। अचानक हुए इस हादसे की चपेट में तीन मजदूर आ गए। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायल मजदूरों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हाटा पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया।
तहसीलदार जया सिंह ने घटनास्थल का किया निरीक्षण
हादसे की सूचना मिलने पर तहसीलदार जया सिंह मौके पर पहुंचीं। उन्होंने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर दुर्घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी ली। घटना के बाद निर्माण कार्य की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
करोड़ों की परियोजना में निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
एनएचएआई की ओर से एनएच-28 पर कराया जा रहा ओवरब्रिज निर्माण कार्य अब हादसे के बाद चर्चा में है। ढलाई के दौरान सपोर्ट ट्रैक का गिरना निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री, तकनीकी व्यवस्था और सुरक्षा मानकों के पालन पर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ढलाई के दौरान सपोर्ट सिस्टम कैसे विफल हुआ? क्या निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए थे और क्या तकनीकी मानकों का सही तरीके से पालन हो रहा था?
हादसे की तकनीकी जांच और जिम्मेदारी तय करना जरूरी
इस दुर्घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की मांग उठ रही है। यह जरूरी है कि विशेषज्ञों की मदद से हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। फिलहाल तीन मजदूरों के घायल होने के बाद सबसे अहम सवाल निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों का है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस ओवरब्रिज में भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की गंभीरता से जांच जरूरी है।

