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Sambhal News: जिला संयुक्त चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं का बोलबाला, समय पर अस्पताल नहीं पहुंचते लापरवाह डॉक्टर

सीएम योगी आदित्यनाथ सूबे के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के सख्त निर्देश दे चुके हैं कि जनता की संतुष्टी और फीडबैक से ही काम का मानक तय होगा। इसके बाद भी कहीं न कहीं से ऐसी खबर सामने आ जाती है, जिससे कि सरकार की मंशा पर पानी फिरता हुआ नजर आता है। संभल जिले से सामने आया है। जहां संयुक्त जिला चिकित्सालय में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। जिससे सरकार के दावे की पोल खुल रही है।

योगी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत काम कर रही है। लेकिन संभल के जिला संयुक्त चिकित्सालय में काम-काज के तरीके से सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति पर पानी फिरता हुआ नजर आ रहा है। यहां ओपीडी में डॉक्टरों के गैर हाजिर होने से लोगों मे मायूसी छा गई है। मरीज बड़े आस से यहां इलाज कराने आते हैं, लेकिन डॉक्टरों के नहीं होने से परामर्श तो मिल नहीं पाता। मरीजों को फर्श पर बैठकर डॉक्टरों का इलाज करना पड़ता है।

यूपी की बात की टीम जब संभल के जिला संयुक्त चिकित्सालय पहुंची तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई। क्योंकि यूपी की बात की टीम 11 बजकर 35 मिनट पर अस्पताल के ओपीडी में जाती है। जहां मरीज डॉक्टर का इंतजार कर रहे होते हैं। डॉक्टरों के गैर-हाजिर होने से मरीजों को इधर से उधर भटकना पड़ रहा है। सूबे से डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक का सख्त निर्देश है कि सभी डॉक्टर टाइम से अस्पताल पहुंचे। किसी भी सरकारी अस्पताल में बाहर की दवाई न लिखी जाए। इसके बाद भी डॉक्टरों की ऐसी लापरवाही से बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है।

यूपी की बात की टीम ने जब मरीजों से उनका हाल जानने की कोशिश की तो इमरान नाम के एक मरीज से जब हमारे संवाददाता ने बात की तो उन्होंने बताया कि अभी डॉक्टर नहीं आए हैं, उनका शनिवार को एक पर्ची बना था। जिसके बाद वे आज डॉक्टर से परामर्श लेने आज आए थे। जब इमरान से बाचचीत हो रही थी तो उस वक्त 11 बजकर 35 मिनट हो रहे थे। जबकि सरकार की ओर से जारी निर्देश में ओपीडी का टाइम सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक होता है। सरकार को इस मामले में संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए।

संभल से संवाददाता प्रदीप मिश्रा की रिपोर्ट।

 

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