उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक शनिवार को वाराणसी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सपा पर तुष्टिकरण की राजनीति करने और सनातन संस्कृति को लेकर दोहरे रवैये का आरोप लगाया।
सपा पर लगाए गंभीर राजनीतिक आरोप
बृजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता वोट बैंक की राजनीति के लिए सनातन धर्म को लेकर अलग-अलग तरह के बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि सपा के लोग केवल राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक मुद्दों को उठाते हैं।
लोहिया और रामायण मेले का किया उल्लेख
डिप्टी सीएम ने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया रामायण मेले के आयोजन का समर्थन करते थे, लेकिन आज के समाजवादी नेता भगवान राम के दर्शन तक करने नहीं जाते। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा की राजनीति तुष्टिकरण पर आधारित रही है।
राम भक्तों और राम मंदिर का भी किया जिक्र
बृजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान राम भक्तों पर गोलियां चलने की घटनाएं हुई थीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के मार्ग में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने बाधाएं खड़ी की थीं। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर देश की जनता सब कुछ जानती है।
मदरसों की फंडिंग और बाबरी मस्जिद पर भी उठाए सवाल
उपमुख्यमंत्री ने अपने बयान में बाबरी मस्जिद के लिए जुटाए गए चंदे का भी उल्लेख किया और सवाल उठाया कि उसका हिसाब-किताब क्यों नहीं पूछा गया। साथ ही उन्होंने मदरसों की फंडिंग के स्रोतों पर भी प्रश्न उठाए।
प्रदेश के विकास का किया दावा
बृजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले वर्षों के दौरान विकास कार्यों में तेजी आई है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय तीन गुना तक बढ़ी है और सरकार विकास तथा जनकल्याण के एजेंडे पर लगातार काम कर रही है।

