लखनऊ में आयोजित विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सशक्तिकरण, नारी सुरक्षा और स्वावलंबन पर सरकार की उपलब्धियों को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि यह एक दिवसीय विशेष सत्र “आधी आबादी” के सम्मान, गरिमा और अधिकारों को समर्पित है।
सीएम ने बताया कि वर्ष 2023 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “नारी शक्ति वंदन” प्रस्ताव पारित किया गया, जिसका उद्देश्य महिलाओं को नीति निर्धारण में अधिक भागीदारी देना है। उन्होंने कहा कि संसद में अब तक सबसे अधिक महिला प्रतिनिधित्व देखने को मिला है और यूपी विधानसभा में भी इसे 33% तक बढ़ाने का लक्ष्य है।
योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और DMK ने महिला आरक्षण सहित कई योजनाओं का विरोध किया। उन्होंने जनधन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि पहली बार करोड़ों महिलाओं के बैंक खाते खुले, जिससे सीधे लाभ पहुंचाना संभव हुआ।
उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय निर्माण को “नारी गरिमा” से जोड़ते हुए कहा कि लाखों शौचालयों के निर्माण से महिलाओं को सम्मान मिला। प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और कन्या सुमंगला योजना का जिक्र करते हुए सीएम ने बताया कि इन योजनाओं से लाखों महिलाओं और बेटियों को लाभ मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने बिना भेदभाव के हर वर्ग की बेटियों को “सरकार की बेटी” मानकर योजनाएं लागू की हैं। उन्होंने विपक्ष से आत्ममंथन करने की अपील करते हुए कहा कि महिलाओं के मुद्दों पर राजनीति नहीं, बल्कि समर्पण जरूरी है।

