उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी आरक्षी नागरिक पुलिस भर्ती परीक्षा तथा केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले जनभागीदारी कार्यक्रमों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जनसेवा, सुशासन, पर्यावरण संरक्षण, युवाओं के हित और जनकल्याण से जुड़े सभी कार्यक्रम संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसहभागिता के साथ संचालित किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस से 21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक आयोजित कार्यक्रमों को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत न्यूनतम 5 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने पौधों की उपलब्धता, जियो टैगिंग और संरक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत और नगरीय निकाय को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि 5 से 21 जून तक ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ अभियान के अंतर्गत समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषज्ञों, उद्योगपतियों, शिक्षाविदों और युवाओं के साथ संवाद स्थापित किया जाए। इस दौरान विकास, निवेश, रोजगार और जनकल्याण की उपलब्धियों पर चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री ने 14 से 16 जून तक विकास खंड स्तर पर जनकल्याण शिविर और स्वास्थ्य मेले आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा सके। ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि चौपाल और जनप्रतिनिधियों के रात्रि प्रवास की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा गया।
पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। 8, 9 और 10 जून को आयोजित होने वाली परीक्षा में लगभग 29 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता, गोपनीयता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं, निर्बाध बिजली, परिवहन व्यवस्था और अभ्यर्थियों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को भी कहा गया।

