लखनऊ : मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में जनगणना-2027 के तहत प्रदेश में चल रही स्व-गणना (Self-Enumeration) प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ की गई, जिसमें जनगणना कार्यों की प्रगति, प्रशिक्षण व्यवस्था और तकनीकी तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जनगणना अभियान को और अधिक गति दी जाए तथा इसे जन-जन तक पहुँचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि गांव-गांव तक लोगों को जागरूक कर स्व-गणना के लिए प्रेरित किया जाए ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस प्रक्रिया में भाग लें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं है, बल्कि यह भविष्य की नीतियों और विकास योजनाओं की आधारशिला होती है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी HLBs (House Listing Blocks) और एन्यूमरेशन ब्लॉक्स को 25 मई तक सक्रिय किया जाए। जिन जिलों में प्रशिक्षण या मैपिंग कार्य लंबित है, वहां युद्धस्तर पर कार्रवाई की जाए। विशेष रूप से आगरा, कानपुर, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद और बरेली जैसे नगर निगम क्षेत्रों में तैयारियों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि प्रत्येक जिले में तकनीकी सहायकों और फील्ड स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि डिजिटल मैपिंग और हाउस नंबरिंग का कार्य बाधित न हो। “नो योर एन्यूमरेटर” अभियान के तहत प्रत्येक जिले की वेबसाइट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सऐप ग्रुप्स पर एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर की जानकारी सार्वजनिक करने के निर्देश भी दिए गए, जिससे नागरिकों को पारदर्शिता और जानकारी आसानी से मिल सके।
उन्होंने आगे निर्देश दिया कि स्व-गणना अभियान में स्वतंत्रता सेनानियों, मंत्रियों, पूर्व मुख्यमंत्रियों, पूर्व राज्यपालों और अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए ताकि जनसहभागिता और जागरूकता बढ़े। बैठक में निदेशक जनगणना संचालन शीतल वर्मा ने जानकारी दी कि 7 मई से स्व-गणना अभियान जारी है और 22 मई से हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन शुरू किया जाएगा।
बैठक में यह भी बताया गया कि सोनभद्र, औरैया, मुरादाबाद, आजमगढ़, शाहजहांपुर, पीलीभीत, मैनपुरी, भदोही, बरेली और श्रावस्ती जैसे जिले शीर्ष प्रदर्शन करने वालों में शामिल हैं।

