मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को वर्षा ऋतु एवं चातुर्मास की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह कालखंड नवसृजन, संवर्धन और समृद्धि का प्रतीक है। चातुर्मास का पावन समय प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व, संयम, संवेदनशीलता और संतुलित जीवन शैली का संदेश देता है।
आकाशीय बिजली से बचाव के लिए सावधानी आवश्यक
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा ऋतु के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में नागरिकों को खराब मौसम के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से पेड़ों के नीचे खड़े न होने और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।
जलाशयों एवं नदियों के समीप बरतें सतर्कता
उन्होंने कहा कि कई बार अतिवृष्टि के कारण नदियों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है। ऐसी परिस्थितियों में स्नान या अन्य गतिविधियों के दौरान विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
सरकार की व्यापक तैयारियां
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश सरकार मानसून के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां कर चुकी है। संबंधित विभागों को सतर्क रहने तथा राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जनसहयोग से होंगे प्रयास सफल
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से सतर्क और सजग रहने की अपील करते हुए कहा कि जनसहयोग और जागरूकता से ही सभी प्रयासों को सफलता मिल सकती है। उन्होंने सभी नागरिकों से सुरक्षा मानकों का पालन करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आग्रह किया।

