लखनऊ: चुनावी माहौल के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी के सभी प्रवक्ताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। करीब दो घंटे चली इस बैठक में पार्टी की मीडिया रणनीति, टीवी डिबेट, सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों को लेकर प्रवक्ताओं को कई अहम नसीहतें दी गईं।
अखिलेश यादव ने प्रवक्ताओं से कहा कि बिना पूरी तैयारी के किसी भी डिबेट में जाने से बचें। किसी भी मुद्दे पर पार्टी का पक्ष रखने से पहले उससे जुड़ी पूरी जानकारी जुटाने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि किसी मामले की पूरी जानकारी के बिना टिप्पणी करने से बचना चाहिए और तथ्यों के आधार पर ही अपनी बात रखनी चाहिए।
बैठक में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को लेकर भी चर्चा हुई। अखिलेश यादव ने कहा कि 10 सेकेंड की एक रील भी पार्टी की छवि बना या बिगाड़ सकती है। ऐसे में प्रवक्ताओं और पार्टी नेताओं को सार्वजनिक बयानों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर साझा किए जाने वाले कंटेंट को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत है।
अखिलेश यादव ने खास तौर पर जाति और धर्म से जुड़े संवेदनशील मामलों पर बेहद सावधानी से बोलने की सलाह दी। उन्होंने भावनाओं को आहत करने वाले मुद्दों और बयानों से बचने तथा भाषा और शब्दों के चयन पर विशेष ध्यान देने को कहा।सपा अध्यक्ष ने प्रवक्ताओं को यह भी संदेश दिया कि हर मुद्दे पर बोलना जरूरी नहीं है। कई बार किसी विषय पर चुप रहकर भी बड़ा राजनीतिक संदेश दिया जा सकता है। इसलिए पार्टी के प्रवक्ताओं को यह तय करके बोलना चाहिए कि किस मुद्दे पर पार्टी का पक्ष रखना जरूरी है और किस मामले में प्रतिक्रिया से बचना बेहतर होगा।बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि प्रवक्ता तथ्यों और पार्टी की आधिकारिक लाइन के आधार पर ही अपनी बात रखें। चुनावी दौर में मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए पार्टी का पक्ष जनता तक पहुंचाने में प्रवक्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

