वृंदावन के फोगला आश्रम में श्री गंगादास कृपाशंकर सेवा संस्थान के तत्वावधान में साकेतवासी श्री कृपाशंकर रामायणी जी की 18वीं पुण्यतिथि के अवसर पर संत सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अग्र मलूका पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र देवाचार्य महाराज ने की।
अयोध्या के संतों का किया गया अभिनंदन
समारोह में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की नवगठित धार्मिक समिति में सदस्य के रूप में मनोनीत संतों का विशेष सम्मान किया गया। इनमें अयोध्या की मणिराम छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास शास्त्री जी महाराज, जगतगुरु श्री रामानंद जी महाराज, आचार्य मिथिलेश नंदन जी महाराज और स्वामी राजकुमार दास महाराज शामिल रहे। कार्यक्रम के संयोजक श्रीमद् जगतगुरु पीपा पीठाधीश्वर श्री बलराम देवाचार्य जी महाराज रहे, जबकि मंच संचालन आचार्य मृदुलकांत शास्त्री ने किया।
संतों ने रखे अपने विचार
धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय संयोजक आचार्य बद्रीश महाराज और महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज ने कहा कि ब्रजभूमि के संतों और श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या के संतों का सम्मान करना गौरव का विषय है।डॉ. मनोज मोहन शास्त्री और नेत्रपाल शास्त्री महाराज ने श्री कृपाशंकर रामायणी जी के व्यक्तित्व और संत सेवा कार्यों को याद करते हुए उन्हें महान विद्वान बताया।
राम मंदिर और धार्मिक सेवा पर हुई चर्चा
वीतराग संत गोविंदानंद तीर्थ महाराज और स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि से जुड़े पदों पर आसीन लोगों को अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा और सेवा भाव से निर्वहन करना चाहिए।वहीं स्वामी अतुल कृष्ण दास महाराज और डॉ. आदित्यानंद महाराज ने संत समागम को ईश्वर की कृपा बताते हुए धार्मिक आयोजनों के महत्व पर प्रकाश डाला।
विभिन्न संस्थाओं ने किया संतों का सम्मान
समारोह में श्री गंगादास कृपाशंकर सेवा संस्थान, धर्म रक्षा संघ, ब्रज तीर्थ देवालय न्यास, श्री भागवत मंदिरम विश्व हिंदू परिषद, श्रीनाथ जी सेवा संस्थान, भागवत सेवा संस्था सहित कई धार्मिक संस्थाओं द्वारा अयोध्या के संतों का अभिनंदन किया गया।
संत-महात्माओं की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में वीतराग संत गोविंदानंद तीर्थ महाराज, स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज, स्वामी अनंतदास महाराज, श्री महंत फूलडोल बिहारी दास महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. आदित्यानंद महाराज, आचार्य बद्रीश महाराज, स्वामी अतुल कृष्ण दास महाराज, महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज, सौरभ गौड़, अशोक शास्त्री, महंत सुंदर दास महाराज, नेत्रपाल शास्त्री महाराज, डॉ. मनोज मोहन शास्त्री सहित अनेक संत और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

