Site icon UP की बात

लखनऊ विश्वविद्यालय के 69वें दीक्षोत्सव में 1.25 लाख विद्यार्थियों को उपाधियां, राज्यपाल ने डिजिलॉकर और HPV जागरूकता पर दिया जोर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में लखनऊ विश्वविद्यालय का 69वां दीक्षोत्सव भव्य रूप से आयोजित किया गया। समारोह में 1,25,285 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 57,166 छात्र और 68,119 छात्राएं शामिल रहीं। उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए 111 मेधावी विद्यार्थियों को 204 पदकों से सम्मानित किया गया। इनमें 81 छात्राएं और 30 छात्र शामिल रहे।

दीक्षोत्सव के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों के बच्चों के लिए आयोजित ‘मेरी मां’ विषयक चित्रकला, कहानी, काव्य और भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया। साथ ही बच्चों द्वारा प्रस्तुत जल एवं पर्यावरण संरक्षण पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए समाज में पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने बताया कि समारोह के अवसर पर रायबरेली के आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 300 और लखनऊ के लिए 200 आंगनबाड़ी किट वितरित की गईं। इसके अलावा रायबरेली और बदायूं में पुलिसकर्मियों की बेटियों सहित 600 बालिकाओं का HPV टीकाकरण कराया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 70,793 आंगनबाड़ी किट वितरित की जा चुकी हैं और 5.87 लाख से अधिक बालिकाओं का HPV टीकाकरण जनभागीदारी के माध्यम से कराया गया है।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि सभी उपाधियां और अंकपत्र डिजिलॉकर पर अपलोड कर दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थी उन्हें आवश्यकता पड़ने पर ऑनलाइन डाउनलोड कर सकें। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि अब किसी भी विद्यार्थी को उपाधि या अंकपत्र की हार्ड कॉपी उपलब्ध न कराई जाए।

उन्होंने उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनना है। उन्होंने विशेष प्रसन्नता व्यक्त की कि इस वर्ष भी छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों से बेहतर रहा और इसे समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत बताया। साथ ही विश्वविद्यालय को इस विषय पर शोध कराने के निर्देश भी दिए।

मुख्य अतिथि नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदिकर का स्वागत करते हुए राज्यपाल ने उनके विज्ञान, प्रौद्योगिकी, क्वांटम मिशन, 6G और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में योगदान की सराहना की।

राज्यपाल ने बताया कि लखनऊ विश्वविद्यालय को इस शैक्षणिक सत्र में 77 देशों से 3,421 अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 64 प्रतिशत अधिक हैं। उन्होंने इसे विश्वविद्यालय की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रमाण बताया।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए लगभग ₹1.39 लाख करोड़ का प्रावधान किया है। साथ ही उच्च शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता, मेडिकल शिक्षा, STEM विषयों में छात्राओं के लिए छात्रावास, AVGC लैब और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन से अपील की कि विश्वविद्यालय और गोद लिए गए गांवों में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के पात्र लाभार्थियों को जोड़ने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए।

Exit mobile version