उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में हुई योगी कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में कुल 12 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनका सीधा असर प्रदेश के विकास, स्वास्थ्य, परिवहन और पंचायत चुनाव व्यवस्था पर पड़ेगा।
कैबिनेट बैठक में सबसे बड़ा फैसला पंचायत चुनावों से जुड़े आरक्षण को लेकर लिया गया। सरकार ने पंचायत चुनावों में आरक्षण निर्धारण के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। यह आयोग पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण को लेकर अध्ययन करेगा और अपनी रिपोर्ट सरकार को छह महीने के भीतर सौंपेगा। आयोग के गठन को आगामी पंचायत चुनावों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़ा निर्णय लेते हुए मिर्जापुर में 765/400 केवी उपकेंद्र निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। माना जा रहा है कि इससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कैबिनेट ने लखनऊ स्थित Dr. Ram Manohar Lohia Institute of Medical Sciences में 1010 बेड का अत्याधुनिक इमरजेंसी सेंटर बनाने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी। इससे प्रदेश की राजधानी में गंभीर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
परिवहन और शहरी विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने आगरा मेट्रो रेल परियोजना से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। इसके साथ ही लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर की DPR को भी स्वीकृति मिल गई है। इस परियोजना के तहत चारबाग से वसंतकुंज तक मेट्रो निर्माण किया जाएगा, जिससे राजधानी में यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा पशु चिकित्सा छात्रों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने उनके इंटर्नशिप भत्ते में तीन गुना वृद्धि करने का फैसला लिया। अब तक छात्रों को 4 हजार रुपये प्रतिमाह भत्ता मिलता था, जिसे बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दिया गया है।

