उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख टेक्सटाइल और अपैरल एक्सपोर्ट हब बनाने की दिशा में योगी सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र में विकसित किया जा रहा अपैरल पार्क प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य में एक नई पहचान बनकर उभर रहा है। यह परियोजना न केवल निवेश को आकर्षित कर रही है, बल्कि युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित कर रही है।
प्राधिकरण द्वारा यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र में 175 एकड़ भूमि पर इस आधुनिक अपैरल पार्क का विकास किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत विभिन्न आकार के कुल 173 औद्योगिक भूखंड नियोजित किए गए हैं, जिन्हें अपैरल और टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़ी इकाइयों को आवंटित किया जा रहा है।
आवंटन में तेजी, निवेशकों का बढ़ता भरोसा
22 जनवरी 2026 तक की स्थिति के अनुसार, अपैरल पार्क योजना के तहत अब तक 156 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है, जबकि केवल 17 भूखंड अभी शेष हैं। अब तक 106 इकाइयों के पक्ष में लीज डीड निष्पादित की जा चुकी है, वहीं 89 निवेशकों को भूखंडों का कब्जा भी सौंपा जा चुका है। ये आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि योगी सरकार के Ease of Doing Business मॉडल पर निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।
निर्माण प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार
अपैरल पार्क में अब परियोजनाएं तेजी से धरातल पर उतरने लगी हैं। योजना के तहत अब तक 118 इकाइयों को चेकलिस्ट जारी की जा चुकी है, जबकि 39 इकाइयों के भवन मानचित्र स्वीकृत हो चुके हैं। इसके साथ ही 15 इकाइयों में निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। सरकार द्वारा सभी आवंटियों से डीपीआर के अनुरूप एक्शन प्लान मांगा गया है, ताकि सभी परियोजनाएं तय समय-सीमा में पूरी हो सकें।
रोजगार और निर्यात पर योगी सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विजन है कि उत्तर प्रदेश को वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट (ODOP) और राज्य की टेक्सटाइल नीति के माध्यम से वैश्विक निर्यात मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाया जाए। यमुना एक्सप्रेसवे अपैरल पार्क से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर, रेडीमेड गारमेंट्स और टेक्सटाइल निर्यात में वृद्धि, एमएसएमई और स्टार्टअप्स को नया प्लेटफॉर्म जैसे महत्वपूर्ण लाभ मिलने की उम्मीद है।
शेष भूखंडों के लिए भूमि क्रय प्रक्रिया जारी
अपैरल पार्क के अंतर्गत 33.5 एकड़ क्षेत्रफल के 17 भूखंड अभी आवंटन हेतु शेष हैं। आंशिक भूमि उपलब्ध न होने के कारण भूमि क्रय की प्रक्रिया प्रगति पर है, जिसे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। यमुना एक्सप्रेसवे, अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बेहतर कनेक्टिविटी और उद्योग-हितैषी नीतियों के चलते उत्तर प्रदेश आज निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभर रहा है। अपैरल पार्क इसकी एक सशक्त मिसाल है, जो योगी सरकार के विकास, रोजगार और निर्यात आधारित विजन को जमीन पर साकार करता नजर आ रहा है।

