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गोरखपुर में नागपंचमी पर कुश्ती का महासंग्राम, सीएम योगी ने विजेता पहलवानों को किया सम्मानित

गोरखपुर में नागपंचमी पर कुश्ती का महासंग्राम, सीएम योगी ने विजेता पहलवानों को किया सम्मानित

गोरखपुर में नागपंचमी पर कुश्ती का महासंग्राम, सीएम योगी ने विजेता पहलवानों को किया सम्मानित

गोरखपुर।  नागपंचमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित दो दिवसीय कुश्ती प्रतियोगिता का भव्य समापन हुआ। अखाड़े में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे पहलवानों ने दमखम, तकनीक और अनुशासन का प्रदर्शन किया। समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया।

साढ़े तीन सौ से अधिक पहलवानों ने लिया हिस्सा

प्रतियोगिता में 350 से अधिक पहलवानों ने भाग लिया। वीर अभिमन्यु, उत्तर प्रदेश कुमार और उत्तर प्रदेश केसरी जैसे वर्गों में पहलवानों के बीच रोमांचक मुकाबले हुए। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद खिलाड़ियों और दर्शकों का उत्साह कम नहीं हुआ।

खेलों को लेकर बदल रही तस्वीर

समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में पिछले कुछ वर्षों में खेलों के प्रति सोच और सुविधाओं में बड़ा बदलाव आया है। गांवों से प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए खेल प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण सुविधाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से खेलों को जीवन का हिस्सा बनाने और स्वस्थ व अनुशासित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

खिलाड़ियों के लिए रोजगार और सम्मान पर जोर

मुख्यमंत्री ने खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार की नीतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि विभिन्न खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में अवसर दिए जा रहे हैं। साथ ही पदक विजेताओं के लिए प्रोत्साहन राशि और सम्मान की व्यवस्था भी की गई है।

गांवों तक पहुंचेंगी खेल सुविधाएं

खेल प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर पर ही बेहतर सुविधाएं देने के लिए गांवों में खेल मैदान और ओपन जिम, विकासखंड स्तर पर मिनी स्टेडियम तथा जिला स्तर पर स्टेडियम विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा हुई। खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

कुश्ती में अनुशासन और गुरु परंपरा का महत्व

कार्यक्रम में कुश्ती को केवल शारीरिक क्षमता का खेल नहीं, बल्कि अनुशासन और संस्कार से जुड़ी परंपरा बताया गया। पहलवानों के जीवन में समय की पाबंदी, संतुलित खान-पान, नियमित अभ्यास और गुरु के प्रति सम्मान को महत्वपूर्ण बताया गया। पारंपरिक अखाड़ों और निजी खेल अकादमियों को भी सहयोग देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

विजेता पहलवानों का हुआ सम्मान

समापन अवसर पर विभिन्न वर्गों के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। वीर अभिमन्यु वर्ग में गाजीपुर के सूरज यादव ने पहला स्थान हासिल किया। गोरखपुर के जनार्दन यादव दूसरे और वाराणसी के शिवम तीसरे स्थान पर रहे। उत्तर प्रदेश कुमार वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पहलवानों को सम्मानित किया गया। प्रथम विजेता को 1,01,000 रुपये की पुरस्कार राशि और गदा प्रदान की गई, जबकि अन्य विजेताओं को भी निर्धारित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

आकाश खुरजर बने उत्तर प्रदेश केसरी

प्रतियोगिता के सबसे प्रतिष्ठित उत्तर प्रदेश केसरी खिताब पर गौतम बुद्ध नगर के आकाश खुरजर ने कब्जा जमाया। प्रशांत कुमार दूसरे स्थान पर रहे, जबकि एनईआर के वीरेश कुमार को तीसरा पुरस्कार मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजेताओं को पुरस्कार देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

युवाओं को खेलों से जोड़ने का संदेश

समारोह में युवाओं को नशे और गलत आदतों से दूर रखने के लिए खेलों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। संदेश दिया गया कि खेल न सिर्फ शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और टीम भावना भी विकसित करते हैं। नागपंचमी पर गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित इस कुश्ती प्रतियोगिता ने पारंपरिक अखाड़ा संस्कृति और नई खेल प्रतिभाओं को एक मंच दिया। दो दिनों तक चले मुकाबलों के बाद विजेता पहलवानों के सम्मान के साथ प्रतियोगिता का समापन हुआ।

 

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