ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे यानी EPE को जोड़ने वाले इंटरचेंज का निर्माण कार्य अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। जगनपुर-अफजलपुर के पास तैयार किए जा रहे इस इंटरचेंज के ताजा विजुअल्स में निर्माण कार्य जमीन पर आकार लेता नजर आ रहा है। परियोजना के पूरा होने के बाद दोनों एक्सप्रेसवे के बीच सीधी कनेक्टिविटी उपलब्ध हो सकेगी।
मौजूदा स्थिति में यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे एक-दूसरे को क्रॉस करते हैं, लेकिन दोनों के बीच सीधा कनेक्शन नहीं है। ऐसे में EPE से यमुना एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले वाहनों को मौजूदा मार्गों से होकर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। इंटरचेंज शुरू होने के बाद वाहन ग्रेटर नोएडा के अंदरूनी रास्तों और परी चौक की ओर गए बिना सीधे एक एक्सप्रेसवे से दूसरे एक्सप्रेसवे पर जा सकेंगे। इससे करीब 15 से 20 किलोमीटर तक का अतिरिक्त चक्कर कम होने की उम्मीद है।
इस कनेक्टिविटी का फायदा हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले यात्रियों को भी मिल सकता है। गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़, पलवल और फरीदाबाद की ओर से आने वाले वाहन सीधे यमुना एक्सप्रेसवे की ओर जा सकेंगे। वहीं मथुरा और आगरा की दिशा से आने वाले वाहनों के लिए भी EPE तक पहुंचने का रास्ता आसान हो सकता है।जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिहाज से भी इस इंटरचेंज को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। EPE के जरिए दिल्ली-NCR और हरियाणा की तरफ से आने वाले वाहनों को यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते एयरपोर्ट क्षेत्र तक सीधा कनेक्शन मिल सकेगा।
इंटरचेंज को क्लोवरलीफ डिजाइन पर तैयार किया जा रहा है। इसमें अलग-अलग दिशाओं के लिए लूप और रैंप बनाए जा रहे हैं। परियोजना में कुल 8 लूप और 4-4 एंट्री-एग्जिट रैंप का प्रावधान बताया गया है। इससे वाहनों को सामान्य चौराहे या रेड लाइट पर रुके बिना एक्सप्रेसवे बदलने की सुविधा मिलेगी।
इस परियोजना की योजना लंबे समय से चल रही थी और निर्माण में देरी भी हुई। लागत और निर्माण से जुड़े मुद्दों के बाद NHAI को इसकी जिम्मेदारी दी गई। मौजूदा लक्ष्य के अनुसार निर्माण कार्य 30 सितंबर तक पूरा करने और 15 अक्टूबर से वाहनों के लिए इंटरचेंज खोलने की तैयारी है। हालांकि अंतिम शुरुआत तय समय पर होगी या नहीं, यह निर्माण की प्रगति पर निर्भर करेगा। अगर इंटरचेंज निर्धारित समय के आसपास शुरू होता है, तो हरियाणा, पश्चिमी यूपी, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट के बीच सड़क कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है।

