क्यूआर कोड की धोखाधड़ी से कैसे बचें

ABHINAV TIWARI

क्यूआर कोड से धोखाधड़ी के मामले अक्सर आते ही रहते हैं। साइबर अपराधी जाली क्यूआर कोड तैयार करते हैं फिर उससे धोखाधड़ी को अंजाम देने की कोशिस करते हैं।

ऐसे में क्यूआर कोड को स्कैन करते ही फर्जी वेबसाइट खुल जाता है और मालवेयर बिना किसी इंट्रोडक्सन के आपके डिवाइस में इंतर कर जाता है।

क्यूआर कोड, ओटीपी और डेबिट या क्रेडिट कार्ड के जरिए साइबर अपराधी लोगों के पैसे उड़ा जाते हैं।

क्यूआर कोड की धोखाधड़ी से बचने के लिए हमेशा वैसी जगह से स्कैन करें जो भरोसेमंद हो।

क्यूआर कोड स्कैन करने से पहले, सोर्स वेरिफिकेशन कर लें। और इसके साथ यह भी तेक कर लें की कोड किस कंपनी का है।

एप स्टोर से यदि आप कोड स्कैनर एप डाउनलोड कर रहे हैं तब भी आपको अलर्ट रहने की जरूरत है। ऐसे कई न्यूज़ सामने आए हैं की इन एप्स में छुपे रूप से साइबर क्रिमिनल के टूल्स छिपे रहते हैं जो आपके सिक्योरिटी पर अटैक कर देते हैं।

क्यूआर कोड स्कैन करने पर जब वेबसाइट खुले तो यूआरएल चेक करें। इसके साथ यह भी देखें कि यह "HTTPS://" से शुरू हो रहा है या नहीं।

मोबाइल या दूसरे डिवाइस को हमेशा अपडेट रखें। सिक्योरिटी के लिहाज से कई एप्लीकेशंस अपडेट होते रहते हैं।

क्यूआर कोड स्कैन करने पर जो लिंक खुले और उसमें आपसे अगर सेंसिटिव जानकारी मांगी जाए तो सतर्क हो जाएं।

पब्लिक वाई-फाई नेटवर्क का इस्तेमाल करने से बचें। पब्लिक वाई-फाई से क्यूआर कोड की धोखाधड़ी के कई मामले सामने आ चुके हैं।

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