वाराणसी में काशी रेलवे स्टेशन के पास स्थित गंज शहीदा मस्जिद को रेलवे प्रशासन ने अतिक्रमण मानते हुए हटाने का नोटिस जारी किया है। मस्जिद के बाहर नोटिस चस्पा कर 20 जून तक जमीन खाली करने का निर्देश दिया गया है। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।
काशी स्टेशन को मॉडल स्टेशन बनाने की योजना
रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह भूमि रेलवे की संपत्ति है और काशी रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित करने की योजना के तहत इस क्षेत्र को खाली कराना आवश्यक है। प्रस्तावित योजना में स्टेशन का विस्तार, नए प्रवेश और निकास द्वार, पार्किंग व्यवस्था, यात्री सुविधाओं में सुधार और क्षेत्र का सौंदर्यीकरण शामिल है।
मस्जिद प्रबंधन ने जताया विरोध
वहीं मस्जिद प्रबंधन और अंजुमन इंतजामियां कमेटी की ओर से भी नोटिस पर आपत्ति जताई गई है। उनका दावा है कि यह मस्जिद वर्ष 1034 से मौजूद है, जबकि काशी रेलवे स्टेशन 1887 में बना था। स्थानीय लोगों का कहना है कि विवादित भूमि का मामला पहले से अन्य हिस्से से जुड़ा हुआ था, लेकिन नोटिस सीधे मस्जिद पर चस्पा कर दिया गया।
प्रशासन सतर्क, कानून-व्यवस्था पर नजर
मामले के बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन और पुलिस सतर्क हो गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में की जाएगी और किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। स्थानीय लोगों और प्रबंधन की प्रतिक्रिया पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
20 जून की डेडलाइन पर टिकी निगाहें
रेलवे द्वारा दी गई 20 जून की समय सीमा जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, मामला और अधिक संवेदनशील होता जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मस्जिद प्रबंधन आगे क्या रुख अपनाता है और रेलवे अपनी विकास योजना को किस तरह आगे बढ़ाता है।

