लखनऊ। उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2026 के अंतर्गत जन भवन, लखनऊ में आम क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की गरिमामयी उपस्थिति रही। सम्मेलन में प्रगतिशील आम उत्पादकों, कृषि वैज्ञानिकों, निर्यातकों और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने आम उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और निर्यात से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की।
आम उत्पादन और निर्यात की चुनौतियों पर चर्चा
सम्मेलन के दौरान एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) प्रतिनिधियों ने ग्लोबल गैप प्रमाणन, गुणवत्तापूर्ण आम उत्पादन, सुरक्षित तुड़ाई और निर्यात से जुड़ी चुनौतियों को रखा। राज्यपाल ने इन मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आधुनिक कृषि उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने और बारहमासी आम के पौधों के रोपण को भी प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
कृषि विज्ञान केंद्रों को मजबूत बनाने पर बल
राज्यपाल ने कहा कि किसानों को आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए कृषि विज्ञान केंद्रों को आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकारी अनुदान के पारदर्शी उपयोग और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया।
जन भवन के नवाचारों का किया उल्लेख
अपने संबोधन में राज्यपाल ने जन भवन में विकसित विभिन्न नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने चंदन वाटिका, बोनसाई गार्डन, नक्षत्र वाटिका, स्केटिंग रिंग, स्पेस लैब और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विशेष परिसरों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे मॉडल प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी विकसित किए जाने चाहिए।
महिलाओं और किसानों के सशक्तिकरण पर जोर
राज्यपाल ने महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए अचार, मुरब्बा और अन्य मूल्य संवर्धित खाद्य उत्पादों के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने अधिकारियों को किसानों और आम नागरिकों के साथ संवेदनशीलता एवं सम्मानजनक व्यवहार करते हुए उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
सम्मेलन में आम की सुरक्षित तुड़ाई, पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट, ब्रांडिंग, प्रसंस्करण, जैविक खेती, स्टार्टअप और निर्यात की संभावनाओं पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। इस दौरान कई आम उत्पादकों और निर्यातकों के बीच समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी किए गए, जिनका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण आम की आपूर्ति, बेहतर विपणन और निर्यात को बढ़ावा देना है।

