उत्तर प्रदेश सरकार इस बार एक ऐतिहासिक बजट पेश करने की तैयारी में है। अनुमान लगाया जा रहा है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश का बजट 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है। यह बजट 11 फरवरी को उत्तर प्रदेश विधानसभा में पेश किया जाएगा। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो यह प्रदेश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट होगा।
सड़क, पुल और शहरों के विकास पर होगा बड़ा निवेश
सरकारी सूत्रों के अनुसार इस बजट में सड़क, पुल, शहरी विकास और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर बड़े पैमाने पर खर्च का प्रावधान किया जाएगा। एक्सप्रेसवे, हाईवे, फ्लाईओवर, स्मार्ट सिटी और नगरीय सुविधाओं को मजबूत करने के लिए बजट का बड़ा हिस्सा तय किया गया है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को आर्थिक और औद्योगिक रूप से और अधिक मजबूत बनाना है।
बजट का बड़ा हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा को
प्रस्तावित बजट में खर्च का स्पष्ट रोडमैप भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक कुल बजट का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किया जाएगा। वहीं 15 प्रतिशत बजट शिक्षा, 12 प्रतिशत कृषि, 8 प्रतिशत स्वास्थ्य सेवाओं और करीब 5 प्रतिशत सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए निर्धारित किया जा सकता है। इससे युवाओं, किसानों और जरूरतमंद वर्गों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
पिछले साल के बजट से काफी बड़ा होगा इस बार का आकार
गौरतलब है कि पिछले वित्तीय वर्ष में उत्तर प्रदेश सरकार ने 8.08 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। इस बार अनुमानित 9 लाख करोड़ रुपये का बजट होने पर आकार में करीब एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जो प्रदेश की आर्थिक ताकत और विकास प्राथमिकताओं को दर्शाता है।
विकास की रफ्तार को नई दिशा देगा बजट
सरकार का मानना है कि यह बजट प्रदेश के समग्र विकास, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे के विस्तार और सामाजिक कल्याण योजनाओं को नई गति देगा। खासतौर पर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज करने पर जोर रहेगा।

