लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय में ‘यूपी स्टार्टअप संवाद 3.0’ का आयोजन किया गया। राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में हुए कार्यक्रम में युवाओं, स्टार्टअप संस्थापकों, इनक्यूबेटर्स और निवेशकों को एक मंच मिला।
विचारों को उद्यम में बदलने पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि स्टार्टअप केवल कंपनी शुरू करने तक सीमित नहीं है। किसी समस्या को पहचानना, उसका व्यावहारिक समाधान तलाशना, उसे विकसित करना और समाज तक पहुंचाना उद्यमिता की वास्तविक प्रक्रिया है। उन्होंने युवाओं से अपने विचारों पर भरोसा रखने और लगातार प्रयोग करते रहने का आह्वान किया। उनके मुताबिक, बड़ा बदलाव कई बार छोटे विचार से ही शुरू होता है।
हर क्षेत्र में नवाचार की जरूरत
राज्यपाल ने कहा कि इनोवेशन को केवल तकनीक तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में भी नए समाधान तलाशने की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं को ऐसी तकनीक और सेवाएं विकसित करने के लिए प्रेरित किया, जो स्थानीय समस्याओं का समाधान करने के साथ व्यापक स्तर पर उपयोगी साबित हो सकें।
पेटेंट और बौद्धिक संपदा पर विशेष जोर
राज्यपाल ने युवाओं से अपने नवाचारों की बौद्धिक संपदा की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने ‘कलाम पेटेंट सेंटर’ के लोकार्पण को इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि किसी विचार को सुरक्षित करने के साथ उसे व्यावसायिक रूप देने और बाजार तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी जरूरी है। इसके लिए युवाओं को प्रयोग, सीख और सुधार के क्रम को लगातार जारी रखना चाहिए।
फंडिंग के साथ सही टीम और बाजार भी जरूरी
राज्यपाल ने कहा कि स्टार्टअप की सफलता सिर्फ निवेश मिलने पर निर्भर नहीं करती। सही समस्या की पहचान, प्रभावी समाधान, सक्षम टीम, उचित मेंटर और बाजार की समझ भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।उन्होंने कहा कि इन आधारों को मजबूत करने पर स्टार्टअप के लिए पूंजी जुटाने के अवसर भी बढ़ते हैं।
सरकार की योजनाओं से युवाओं को अवसर
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, स्किल इंडिया, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना जैसी पहलों का उल्लेख किया गया। इन योजनाओं को युवाओं, छोटे उद्यमियों, महिलाओं और पारंपरिक कारीगरों को आर्थिक एवं कौशल संबंधी अवसर उपलब्ध कराने से जोड़ा गया। राज्यपाल ने महिलाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देने से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए और संपत्ति के स्वामित्व तथा औद्योगिक क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की पहल का जिक्र किया।
33 इनक्यूबेशन सेंटर में 1400 से अधिक स्टार्टअप
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की कलाम अभ्युदय योजना के तहत विकसित इनक्यूबेशन नेटवर्क की प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त की। उनके अनुसार, वर्ष 2021 में 15 संस्थानों में इनक्यूबेशन सेंटर विकसित किए गए थे और अब इनकी संख्या बढ़कर 33 हो गई है। इन केंद्रों में 1,400 से अधिक स्टार्टअप इनक्यूबेशन की प्रक्रिया से जुड़े बताए गए हैं। इसके अलावा ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन इनक्यूबेटर’ की सोच के तहत पिछले दो वर्षों में 82 निःशुल्क इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जाने की जानकारी भी दी गई।
100 करोड़ रुपये का इनोवेशन फंड
विश्वविद्यालय की ओर से बनाए गए 100 करोड़ रुपये के इनोवेशन फंड को भी महत्वपूर्ण पहल बताया गया। इसका उद्देश्य नए विचारों को प्रयोगशाला से बाजार तक ले जाने में संस्थानों, इनक्यूबेशन सेंटर और नवप्रवर्तकों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में ‘स्टूडेंट एंड फैकल्टी इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप पॉलिसी 2026-2031’ का विमोचन भी किया गया।
इनक्यूबेशन नेटवर्क को मजबूत करने की पहल
अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग और इनोवेशन हब यूपी, एकेटीयू के सहयोग से इनक्यूबेशन लीडर्स के लिए दो कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रमों की शुरुआत की गई। इनका उद्देश्य इनक्यूबेशन सेंटर के प्रबंधन और संचालन से जुड़े लोगों की क्षमता बढ़ाना तथा निवेशकों, संसाधनों और स्टार्टअप्स के बीच बेहतर समन्वय विकसित करना है।
‘इनोवेशन हब यूपी पोर्टल’ का शुभारंभ
कार्यक्रम में ‘इनोवेशन हब यूपी पोर्टल’ का भी शुभारंभ किया गया। इसके माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग जिलों के युवाओं को इनक्यूबेशन, सरकारी योजनाओं, मेंटरशिप, निवेश और तकनीकी सहयोग से संबंधित जानकारी एक स्थान पर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
100 से अधिक स्टार्टअप और 50 से ज्यादा इनक्यूबेटर शामिल
कार्यक्रम में 100 से अधिक स्टार्टअप और 50 से ज्यादा इनक्यूबेशन सेंटर के साथ निवेशकों एवं वेंचर कैपिटल फंड्स की भागीदारी रही। आयोजन के माध्यम से 15 करोड़ रुपये से अधिक की संभावित निवेश पाइपलाइन विकसित करने का लक्ष्य रखा गया। स्टार्टअप्स ने एआई, एग्रीटेक, हेल्थटेक, मैन्युफैक्चरिंग और रोबोटिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपने उत्पाद और तकनीकी समाधान प्रदर्शित किए।
कई महत्वपूर्ण पहल और एमओयू हुए
कार्यक्रम में कैपजेमिनी की ‘इनोवेशंस फॉर सोशल गुड एंड बेटर भारत’ पहल तथा ‘एआईएम एआईपीईएक्स प्रोग्राम फॉर उत्तर प्रदेश’ का शुभारंभ किया गया। विभिन्न संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी हुआ। इस अवसर पर कलाम पेटेंट सेंटर का लोकार्पण, इनोवेशन हब यूपी पोर्टल का अनावरण और उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स नेटवर्क की घोषणा की गई। साथ ही ‘एकेटीयू इनक्यूबेटर अवार्ड्स 2026’ प्रदान किए गए और निवेशकों ने स्टार्टअप्स में निवेश के इरादे भी जाहिर किए।
स्टार्टअप और इनक्यूबेटर एक्सपो का उद्घाटन
राज्यपाल ने स्टार्टअप एवं इनक्यूबेटर एक्सपो का उद्घाटन कर प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न स्टार्टअप संस्थापकों और इनक्यूबेटर्स से बातचीत कर उनके उत्पादों और नवाचारों की जानकारी ली। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि उत्तर प्रदेश में सरकार, विश्वविद्यालयों, निवेशकों और उद्योगों के साझा प्रयासों से ऐसा स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित होगा, जो युवाओं को रोजगार देने के साथ प्रदेश की विकास यात्रा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

