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UP Digital Library: 57,600 ग्राम पंचायतों तक पहुंची डिजिटल लाइब्रेरी, गांवों में आसान हुई पढ़ाई

UP Digital Library: 57,600 ग्राम पंचायतों तक पहुंची डिजिटल लाइब्रेरी, गांवों में आसान हुई पढ़ाई

UP Digital Library: 57,600 ग्राम पंचायतों तक पहुंची डिजिटल लाइब्रेरी, गांवों में आसान हुई पढ़ाई

लखनऊ:  उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा संसाधनों से जोड़ने के लिए डिजिटल लाइब्रेरी का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, अब प्रदेश की 57,600 ग्राम पंचायतों तक डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा पहुंच चुकी है। इससे गांवों के बच्चों और युवाओं को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शहरों का रुख करने की जरूरत कम होगी।

गांव में किताबों के साथ डिजिटल संसाधन

बहराइच के तेजवापुर ब्लॉक स्थित खसहा मोहम्मदपुर की डिजिटल लाइब्रेरी को ग्रामीण क्षेत्रों में बदलते शिक्षा माहौल का उदाहरण बताया गया है। ग्राम पंचायत सचिवालय में तैयार इस केंद्र में पुस्तकों के साथ डिजिटल पढ़ाई की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। यहां कंप्यूटर, प्रिंटर, हाई-स्पीड इंटरनेट, वाई-फाई, स्मार्ट टीवी और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी किताबों के अलावा अन्य उपयोगी साहित्य और डिजिटल सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है।

शहर जाने की जरूरत होगी कम

ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ाई के बेहतर संसाधनों की कमी के चलते विद्यार्थियों को पहले अक्सर शहरों का सहारा लेना पड़ता था। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए किताबें, इंटरनेट और अन्य सुविधाएं हासिल करने में उन्हें अतिरिक्त समय और पैसा खर्च करना पड़ता था। डिजिटल लाइब्रेरी के जरिए अब विद्यार्थियों को अपने गांव में ही अध्ययन का बेहतर माहौल देने की कोशिश की जा रही है। इससे बचने वाला समय छात्र अपनी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी में लगा सकते हैं।

76 केंद्रों से 57,600 ग्राम पंचायतों तक विस्तार

मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में ई-लाइब्रेरी की पहुंच करीब 76 स्थानों तक सीमित थी। अब डिजिटल लाइब्रेरी का नेटवर्क बढ़कर 57,600 ग्राम पंचायतों तक पहुंच गया है। सरकार का दावा है कि डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगभग 60 लाख युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट भी उपलब्ध कराए गए हैं।

 

 

स्कूलों में स्मार्ट क्लास और ICT लैब

ग्रामीण और सरकारी स्कूलों में तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट क्लासरूम और आईसीटी लैब भी विकसित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रदेश के 32 हजार से ज्यादा विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम और 15 हजार से अधिक विद्यालयों में आईसीटी लैब की सुविधा उपलब्ध है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को पारंपरिक शिक्षा के साथ डिजिटल माध्यमों से सीखने का अवसर देना है।

ग्राम पंचायत सचिवालय बन रहे डिजिटल शिक्षा केंद्र

डिजिटल लाइब्रेरी की शुरुआत से ग्राम पंचायत सचिवालयों की भूमिका भी व्यापक हो रही है। प्रशासनिक सेवाओं के साथ अब इन स्थानों को शिक्षा, डिजिटल कंटेंट और ई-लर्निंग के केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे गांवों में रहने वाले विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

शिक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी

डिजिटल लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित अध्ययन सामग्री उपलब्ध होने से सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। इंटरनेट और डिजिटल उपकरणों की सुविधा से विद्यार्थी ऑनलाइन पाठ्यक्रम और ई-लर्निंग सामग्री का इस्तेमाल कर सकते हैं।

ग्रामीण बच्चों के लिए बढ़ रहे अवसर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डिजिटल लाइब्रेरी के विस्तार को ग्रामीण शिक्षा में बदलाव से जोड़ते हुए कहा कि जब पढ़ाई के संसाधन बच्चों के करीब पहुंचते हैं तो उनके लिए आगे बढ़ने के अवसर भी बढ़ते हैं। डिजिटल लाइब्रेरी की यह पहल ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच शिक्षा संसाधनों की दूरी कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।

 

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