लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र 9 फरवरी से 20 फरवरी तक आयोजित होगा। सत्र के दौरान मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त कर दिया है। विधानसभा और विधान परिषद परिसर समेत आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी तरह के अनधिकृत धरना-प्रदर्शन या अव्यवस्था को रोका जा सके।
4 जोन और 10 सेक्टर में बांटा गया पूरा क्षेत्र
जेसीपी लॉ एंड ऑर्डर बबलू कुमार ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनज़र पूरे विधान भवन और उसके आसपास के इलाकों को 4 जोन और 10 सेक्टर में विभाजित किया गया है। कानून-व्यवस्था और यातायात को सुचारू रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में ड्यूटी लगाई गई है।
भारी पुलिस बल और ATS की तैनाती
सुरक्षा व्यवस्था में 4 अपर पुलिस उपायुक्त (ADCP), 11 सहायक पुलिस आयुक्त (ACP), पीएसी/आरआरएफ की 6 कंपनियां और एटीएस की 3 विशेष कमांडो टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा एलआईयू, 18 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD), 2 बम निरोधक दस्ता (BDDS), 1 एंटी-माइन टीम और 4 एंटी-सैबोटाज चेक टीमें भी सुरक्षा में शामिल हैं।
यातायात व्यवस्था पर भी विशेष फोकस
ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए 13 निरीक्षक, 63 उप-निरीक्षक, 195 मुख्य आरक्षी/आरक्षी और 67 होमगार्ड तैनात किए गए हैं। कुल मिलाकर सत्र के दौरान 31 निरीक्षक, 274 उप-निरीक्षक, 601 मुख्य आरक्षी/आरक्षी, 124 महिला आरक्षी और 67 होमगार्ड ड्यूटी पर रहेंगे।
24×7 सीसीटीवी और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग
पूरे विधानसभा क्षेत्र में 24×7 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। साथ ही सोशल मीडिया पर भी पुलिस की पैनी नजर रहेगी, ताकि किसी भी अफवाह या भड़काऊ गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

