उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीण रोजगार योजनाओं को लेकर सरकार के दृष्टिकोण को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था पहले की तुलना में कहीं अधिक व्यावहारिक, परिणामोन्मुखी और किसान व श्रमिक-दोनों के लिए लाभकारी है।
100 से 125 दिन रोजगार की गारंटी, भत्ता भी अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले ग्रामीण रोजगार योजना में 100 दिन के रोजगार का प्रावधान तो था, लेकिन यह अनिवार्य नहीं था। रोजगार मांगने के बावजूद कई बार काम नहीं मिलता था और न ही समय पर मानदेय का भुगतान होता था। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब योजना को अधिक प्रभावी बनाया गया है। 100 दिन के स्थान पर 125 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया गया है। यदि खेती-बाड़ी का समय नहीं है और गांव का कोई व्यक्ति रोजगार की मांग करता है, तो ग्राम प्रधान के लिए उसे काम देना अनिवार्य होगा। यदि किसी कारणवश रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता देना भी अनिवार्य किया गया है।
‘गड्ढा खोदो-पाटो’ वाली सोच से आगे बढ़ी योजना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान मनरेगा जिस रूप में लागू की गई थी, वह व्यावहारिक नहीं थी। उन्होंने कहा कि उस समय “गड्ढा खोदो और फिर पाट दो” जैसी स्थिति बन गई थी, जिससे न तो स्थायी परिसंपत्तियां बनती थीं और न ही किसान-श्रमिकों को वास्तविक लाभ मिलता था। मुख्यमंत्री ने बताया कि सांसद रहते हुए उन्होंने स्वयं इस व्यवस्था पर सवाल उठाए थे, क्योंकि एक ही स्थान पर बार-बार गड्ढा खोदने और भरने से कोई विकास नहीं होता था।
अब पक्का निर्माण और स्थायी परिसंपत्तियों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हालात बदल चुके हैं। ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना के अंतर्गत गांवों में पक्का निर्माण कार्य कराया जा सकता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी और उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि गांवों में जो बाजार पहले सड़कों पर लगते थे, अब उनके लिए सुरक्षित और निर्धारित स्थल विकसित किए जा सकते हैं।
अमृत सरोवर, बाजार और मंडी विकास को बढ़ावा
सीएम योगी ने कहा कि सब्जी मंडियां और बाजार जब सड़कों पर लगते हैं तो ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। नई योजना के तहत अब सुरक्षित मंडी स्थल, चबूतरे और ग्रामीण बाजार विकसित किए जा सकते हैं। इसके साथ ही अमृत सरोवर के निर्माण पर भी जोर दिया जा रहा है, जिससे जल संरक्षण के साथ-साथ गांवों का सौंदर्यीकरण भी होगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था पूर्व की तुलना में कहीं अधिक व्यावहारिक है। इससे न केवल किसान और श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा, बल्कि गांवों में स्थायी आधारभूत संरचना का विकास भी संभव होगा। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भर गांवों की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हो रही है।

