विधानसभा में प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट में प्रदेश की बेसिक शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष फोकस किया गया है। सरकार ने बेसिक शिक्षा के लिए ₹77,622 करोड़ की अभूतपूर्व व्यवस्था की है। यह प्रावधान परिषदीय विद्यालयों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि यह बजट केवल धनराशि का प्रावधान नहीं, बल्कि हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण, समान और संस्कारयुक्त शिक्षा पहुंचाने का स्पष्ट संकल्प है।
कक्षा 1 से 8 तक छात्रों के लिए 650 करोड़
कक्षा 1 से 8 तक परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को निःशुल्क यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, जूता-मोजा और स्टेशनरी उपलब्ध कराने के लिए ₹650 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को पढ़ाई से वंचित होने से बचाना है।
हर जिले में बनेंगे मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय
प्रदेश के 75 जिलों में प्रत्येक जिले में दो-दो मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय स्थापित करने की योजना है। कुल 150 मॉडल स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं, डिजिटल कक्षाओं और उन्नत शैक्षणिक संसाधनों से लैस किया जाएगा। साथ ही प्रत्येक जनपद में एक मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय विकसित करने की भी योजना है, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान गुणवत्ता की शिक्षा मिल सके।
बालिका शिक्षा को बढ़ावा: 580 करोड़ का प्रावधान
जिन विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) नहीं हैं, वहां नए आवासीय विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए ₹580 करोड़ की व्यवस्था की गई है। इससे दूरदराज क्षेत्रों की छात्राओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा।
शिक्षकों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य योजना
परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा संविदा व मानदेय आधारित कार्मिकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा शुरू करने की योजना है। इसके लिए ₹358 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे शिक्षा कर्मियों को स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
प्राथमिक विद्यालय बनेंगे स्मार्ट स्कूल
समग्र शिक्षा योजना के तहत सभी प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने के लिए ₹300 करोड़ की व्यवस्था की गई है। डिजिटल बोर्ड, आईसीटी उपकरण और आधुनिक शिक्षण सामग्री के माध्यम से बच्चों को नई तकनीक से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में सुरक्षा ऑडिट के बाद अधोमानक पाए जाने वाले संस्थानों के अनुरक्षण और सुदृढ़ीकरण के लिए भी ₹300 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है।
शिक्षा के माध्यम से सामाजिक न्याय की दिशा में कदम
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। प्रस्तुत बजट प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षा के ढांचे में व्यापक सुधार की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। सरकार का यह प्रयास प्रदेश की नई पीढ़ी को बेहतर संसाधन, आधुनिक शिक्षा और सुरक्षित वातावरण प्रदान कर उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

