नववर्ष 2026 के अवसर पर राजभवन, लखनऊ में कार्यरत सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से भेंट कर उन्हें नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर राज्यपाल ने भी उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारजनों को नववर्ष की बधाई देते हुए कहा कि नया वर्ष आत्ममंथन, सकारात्मक सोच और नए संकल्पों का समय होता है। उन्होंने सभी से अच्छा सोचने, अच्छा कार्य करने, परिवार का ध्यान रखने और असंतुलित जीवनशैली व गलत खान-पान से बचने का आह्वान किया।
आत्ममंथन, स्वास्थ्य और परिश्रम पर राज्यपाल का संदेश
राज्यपाल महोदया ने कहा कि नववर्ष पर यह संकल्प लिया जाना चाहिए कि हम अपने स्तर से प्रयास कर बीमारियों को समाप्त करने की दिशा में कार्य करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना निरंतर परिश्रम के सफलता संभव नहीं है, इसलिए लक्ष्य प्राप्ति के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण और लगातार मेहनत आवश्यक है। नकारात्मक सोच को त्यागकर आगे बढ़ने का संदेश देते हुए उन्होंने स्वास्थ्य, अनुशासन और संतुलित जीवनशैली को सफलता की कुंजी बताया।
गुजरात यात्रा के अनुभव: शिक्षा, सुरक्षा और अंतरिक्ष तकनीक पर फोकस
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने अपनी हालिया गुजरात यात्रा के अनुभव साझा किए। उन्होंने राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय तथा इसरो स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के भ्रमण को अत्यंत प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक विज्ञान, डिजिटल व साइबर फोरेंसिक, आपराधिक न्याय प्रणाली और सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में ये संस्थान देश को वैज्ञानिक, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए नए अवसर
राज्यपाल ने कहा कि इन संस्थानों में विकसित तकनीकी और वैज्ञानिक कौशल को उत्तर प्रदेश के बच्चों और युवाओं के लिए अवसरों में बदलना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से राजभवन परिसर के एक उच्च माध्यमिक विद्यालय में इसरो-प्रेरित विशेष लैब स्थापित की जा रही है, जहाँ विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण, प्रयोग और नवाचार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने इसे साइबर, अंतरिक्ष, सुरक्षा और विज्ञान आधारित करियर के लिए युवाओं को तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम बताया।
“विश्व को समझने और व्यक्ति की पहचान विकसित करने की आवश्यकता”
राज्यपाल महोदया ने कहा कि आज आवश्यकता है विश्व को समझने की, ब्रह्मांड को जानने की और व्यक्ति की पहचान विकसित करने की। भारत उपग्रहों के माध्यम से नवीन तकनीकों से जुड़ चुका है और इस दिशा में निरंतर प्रयास जरूरी हैं। बच्चों के सर्वांगीण विकास पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि जैसे पौधे को सही देखभाल से वृक्ष बनाया जाता है, वैसे ही बच्चों की सही परवरिश समाज और राष्ट्र के भविष्य को सशक्त बनाती है।
उच्च शिक्षा में उपलब्धि: 66 प्रतिशत विश्वविद्यालय नैक से एक्रेडिटेड
इस अवसर पर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन एस.पी. गोयल ने राज्यपाल के मार्गदर्शन की सराहना करते हुए बताया कि हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित मुख्य सचिवों के सम्मेलन में यह तथ्य सामने आया कि उत्तर प्रदेश के 66 प्रतिशत विश्वविद्यालय नैक से एक्रेडिटेड हैं। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गर्व की उपलब्धि बताते हुए कहा कि निरंतर समीक्षा, सुधारात्मक प्रयासों और कार्यशालाओं का इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
तकनीकी नवाचार और सुरक्षा सहयोग की संभावनाएं
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने गुजरात स्थित संस्थानों के भ्रमण से प्राप्त अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, उपग्रह संचार, साइबर-सिक्योरिटी, फोरेंसिक अनुसंधान और सुरक्षा प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में हो रहे नवाचारों को उत्तर प्रदेश की तकनीकी व उच्च शिक्षा संस्थाओं से जोड़कर नवाचार, स्टार्ट-अप संस्कृति और शोध को बढ़ावा दिया जा सकता है।
प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प
अधिकारियों ने राज्यपाल को अवगत कराया कि इन संस्थानों की सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं और नवाचारों को अपनाकर उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, सुरक्षा और न्याय प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों और उपस्थित गणमान्यजनों ने नववर्ष 2026 में प्रदेश को प्रगति और विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लिया।

