लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जन भवन में आयोजित नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि एवं गरबा महोत्सव के अंतिम दिन मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर आरती की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की जनता के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। धार्मिक आस्था और पारंपरिक लोक संस्कृति से सजे इस आयोजन का समापन भक्तिमय माहौल में हुआ।
भक्ति और गरबा के रंग में रंगा जन भवन
महोत्सव के अंतिम दिन जन भवन में भक्ति संगीत और मां दुर्गा की आराधना के बीच गरबा नृत्य का आयोजन किया गया। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ गरबा प्रस्तुत किया। सामूहिक नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे परिसर को उत्सव के रंगों से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं को प्रसाद भी वितरित किया गया।
नौ दिनों में 8,326 श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा
जन भवन में आयोजित इस महोत्सव को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 18 अक्टूबर 2026 को आयोजित कार्यक्रम में कुल 1,289 श्रद्धालु शामिल हुए। वहीं, नौ दिवसीय नवरात्रि एवं गरबा महोत्सव के दौरान कुल 8,326 लोगों ने मां दुर्गा की आराधना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहभागिता की। श्रद्धालुओं की इस भागीदारी ने नवरात्रि पर्व के प्रति लोगों की आस्था और भारतीय परंपराओं से उनके जुड़ाव को दर्शाया।
धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक एकता का संदेश
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से आयोजित इस महोत्सव का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं के साथ सांस्कृतिक सहभागिता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना भी रहा। गरबा जैसे पारंपरिक लोकनृत्य के माध्यम से विभिन्न वर्गों के लोगों को एक मंच पर आने और भारतीय संस्कृति की विविधता का अनुभव करने का अवसर मिला। इस आयोजन ने युवा पीढ़ी को पारंपरिक लोक कलाओं, धार्मिक उत्सवों और भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ समापन
जन भवन में आयोजित शारदीय नवरात्रि एवं गरबा महोत्सव का समापन मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा, सांस्कृतिक परंपराओं के सम्मान और सामूहिक उत्साह के साथ हुआ। नौ दिनों तक चले इस आयोजन ने भक्ति और लोक संस्कृति के संगम को प्रस्तुत करते हुए नवरात्रि पर्व की आध्यात्मिक एवं सामाजिक महत्ता को रेखांकित किया।

