77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ स्थित विधान भवन के समक्ष भव्य परेड का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर गणतंत्र दिवस परेड की सलामी ली और परेड का अवलोकन किया।
परेड में भारतीय सेना, पुलिस बल, पीएसी, होमगार्ड्स तथा विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने आकर्षक मार्च-पास्ट किया। इसके साथ ही विभिन्न विभागों और शिक्षण संस्थानों की भव्य झांकियां निकाली गईं। स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत समूह नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को और भी मनोहारी बना दिया।
‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष झांकी
राज्यपाल के प्रेरणा और मार्गदर्शन में जन भवन की ओर से ‘वंदे मातरम्’ की थीम पर विशेष झांकी प्रस्तुत की गई। यह झांकी राष्ट्रवंदना की सजीव और प्रेरक अभिव्यक्ति रही। झांकी में भारत माता की विराट प्रतिमा, ‘वंदे मातरम्’ से अंकित भारत का मानचित्र, राष्ट्रगीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय लेखन मुद्रा में तथा रवींद्रनाथ टैगोर वाचन मुद्रा में विराजमान दिखाई दिए। विभिन्न राज्यों के पारंपरिक परिधानों में सजे बालक-बालिकाओं ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सशक्त रूप में प्रस्तुत किया।
जन भवन विद्यालय का बैंड रहा आकर्षण
गणतंत्र दिवस-2026 की परेड में जन भवन स्थित आदर्श माध्यमिक विद्यालय के 37 विद्यार्थियों का बैंड विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। कठोर प्रशिक्षण के बाद विद्यार्थियों ने अनुशासन, आत्मविश्वास और उत्कृष्ट संगीतात्मक समन्वय का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। संतुलित वाद्ययंत्रों और सुसंगठित कदमताल ने परेड को विशेष गरिमा प्रदान की।
आधुनिक और आत्मनिर्भर भारत की झलक
झांकी में स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों को ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष के साथ श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही चंद्रयान मिशन, ब्रह्मोस, अग्नि एवं पृथ्वी मिसाइलें और स्वदेशी टैंकों के माध्यम से आधुनिक, आत्मनिर्भर और सुदृढ़ भारत का तेजस्वी स्वरूप भी प्रदर्शित किया गया।
इस गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद, विधायक, वरिष्ठ प्रशासनिक, पुलिस एवं सेना अधिकारी तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। गणतंत्र दिवस की यह परेड देशभक्ति, एकता और राष्ट्रीय गौरव का सशक्त प्रतीक बनकर सामने आई।

