उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहरीकरण, औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार और युवा सशक्तीकरण को लेकर सरकार की व्यापक और दूरदर्शी कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि 25 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश को सुनियोजित और आधुनिक स्वरूप देने के लिए अगले पांच वर्षों में 100 नई टाउनशिप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
100 नई टाउनशिप से मिलेगा आधुनिक शहरी ढांचा
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में 114 टाउनशिप प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है। इससे प्रदेश में सुव्यवस्थित आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक नगरीय ढांचे का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि सरकार सभी वर्गों के लिए आवास निर्माण और लैंड बैंक के विकास पर तेज़ी से काम कर रही है, जिससे शहरीकरण की प्रक्रिया संतुलित और पारदर्शी बन सके।
कंप्लायंस रिडक्शन से आम नागरिकों को बड़ी राहत
शहरी विकास में सुगमता लाने के लिए सरकार ने कंप्लायंस रिडक्शन और डी-रेगुलेशन नीति लागू की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब 100 वर्ग मीटर तक के आवासीय और 30 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक भूखंडों पर केवल पंजीकरण की आवश्यकता होगी, नक्शा पास कराने की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। इसके अलावा 500 वर्ग मीटर तक के आवासीय और 200 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक भूखंडों के लिए स्वतः मानचित्र अनुमोदन की ऑनलाइन व्यवस्था लागू की गई है, जिससे आम नागरिकों और छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
मेट्रो और रैपिड रेल से बेहतर कनेक्टिविटी
परिवहन अवसंरचना पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि Lucknow Metro के चारबाग से बसंत कुंज फेज के विस्तार के लिए 1268 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके साथ ही मेरठ-दिल्ली के बीच नमो भारत ट्रेन (रैपिड रेल) के उद्घाटन की घोषणा की गई है, जिससे दोनों शहरों के बीच 40 से 45 मिनट में यात्रा संभव होगी। मेरठ में एक रैपिड रेल और एक मेट्रो कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नया आयाम देंगे।
27 एक्सप्रेसवे क्लस्टर और 75 हजार एकड़ लैंड बैंक
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 27 एक्सप्रेसवे के किनारे इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। इसके लिए 12,500 एकड़ भूमि का नया लैंड बैंक तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश के पास कुल 75,000 एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध है, जो निवेशकों को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, उद्योगों को मिली रफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश मित्र पोर्टल और सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए 65 विभागों से जुड़े 4,675 अनुपालनों को सरल बनाया गया है। इससे उद्योग स्थापना की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हुई है। अब तक प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जबकि ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के माध्यम से सात लाख करोड़ रुपये के निवेश को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया जारी है।
रोजगार सृजन में यूपी की मजबूत स्थिति
कोविड काल के दौरान अन्य राज्यों से लौटे लगभग 40 लाख श्रमिकों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनमें से करीब 90 प्रतिशत आज उत्तर प्रदेश में ही कार्यरत हैं। यह प्रदेश में रोजगार सृजन, औद्योगिक विस्तार और बेहतर कानून व्यवस्था का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, लॉजिस्टिक्स रैंकिंग, गुड गवर्नेंस इंडेक्स और डी-रेगुलेशन जैसे क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है।
युवाओं को 2375 करोड़ के टैबलेट, डिजिटल सशक्तीकरण पर जोर
युवा सशक्तीकरण को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत स्नातक और परास्नातक के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को टैबलेट वितरण के लिए बजट में 2375 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पहल से डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और युवा तकनीकी रूप से सक्षम होकर रोजगारोन्मुखी अवसरों के लिए तैयार होंगे।
नए यूपी की मजबूत नींव
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरीकरण, औद्योगिक विकास, बेहतर कनेक्टिविटी, निवेश प्रोत्साहन और युवा सशक्तीकरण- ये सभी पहल उत्तर प्रदेश को देश की आर्थिक और औद्योगिक धुरी बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रही हैं। बजट 2026-27 प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है।

