लखनऊ में मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल ने उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2026 को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने को लेकर सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बैठक में परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था, गोपनीयता, प्रशासनिक तैयारियों और केंद्र प्रबंधन से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा की शुचिता, पारदर्शिता और निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और प्रभावी तरीके से लागू हों। परीक्षा केंद्रों पर किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा और केवल सत्यापित राजकीय कर्मचारी ही तैनात किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी कार्मिकों की नियुक्ति पूर्णतः रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के माध्यम से की जाए ताकि वे एक-दूसरे से अपरिचित रहें और किसी प्रकार की मिलीभगत की संभावना समाप्त हो सके। सभी कर्मचारियों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी सत्यापन अनिवार्य किया गया है तथा पहचान पत्र के बिना किसी को भी परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। मुख्य सचिव ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर तैनात पुलिस अधिकारी प्रतिदिन केंद्रों का सैनिटाइजेशन सुनिश्चित करेंगे। सेक्टर मजिस्ट्रेट यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण क्लॉक रूम में जमा हों। सभी अनावश्यक कक्षों को स्टैटिक मजिस्ट्रेट द्वारा सील किया जाएगा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी नियुक्त कार्मिकों की सूची परीक्षा से कम से कम 10 दिन पहले उपलब्ध कराई जाए और सभी नामों का मिलान भर्ती बोर्ड एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किया जाए। प्रत्येक केंद्र पर नियुक्त सहायक केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक और अन्य स्टाफ की नियुक्ति पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया से होगी। बैठक में पुलिस भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष एस.बी. शिरडकर ने जानकारी दी कि 32,679 पदों के लिए परीक्षा 8, 9 और 10 जून 2026 को प्रदेश के 75 जिलों के 1180 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी और इसमें कुल 28,86,797 अभ्यर्थी शामिल होंगे।

