ग्रेटर नोएडा के खेड़ा चौगानपुर क्षेत्र में प्राधिकरण की अधिगृहीत और अधिसूचित भूमि पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की शिकायत पर थाना इकोटेक-3 पुलिस ने तीन आरोपियों-प्रदीप भाटी, कुलदीप भाटी और संजीव भाटी-के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद भू-माफियाओं पर तेज हुई कार्रवाई
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद प्रदेश के तीनों विकास प्राधिकरण भू-माफियाओं के खिलाफ एक्शन मोड में हैं। अर्जित भूमि और प्राधिकरण की संपत्तियों पर अवैध कब्जे के मामलों में लगातार एफआईआर दर्ज की जा रही है। इसी कड़ी में यह कार्रवाई की गई है।
सेक्टर केपी-5 की अर्जित भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप
प्राधिकरण के अनुसार, सेक्टर केपी-5 में स्थित भूखंड संख्या 33ए, ग्राम खेड़ा चौगानपुर के खसरा नंबर-126 में आता है। यह भूमि प्राधिकरण द्वारा अर्जित की जा चुकी है और इसका मुआवजा संबंधित किसान को दिया जा चुका है। उक्त भूखंड PIVOTEL INFRASTRUCTURE PRIVATE LIMITED को विधिवत आवंटित है।
फेंसिंग के दौरान कर्मचारियों से मारपीट का आरोप
भूखंड के स्वामी सुनील कुमार ने बताया कि जब हाल ही में भूमि की फेंसिंग का कार्य शुरू किया गया, तो कथित अवैध कब्जाधारियों ने कर्मचारियों को परेशान किया और मारपीट की। आरोप है कि किसान यूनियन के नाम पर प्रदर्शन कर कर्मचारियों को कार्य करने से रोका गया।
जान से मारने की धमकी और ब्लैकमेल का प्रयास
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी गई, सामान फेंका गया और अलग-अलग तरीकों से ब्लैकमेल करने का प्रयास हुआ। अवैध कब्जाधारी कथित तौर पर अज्ञात लोगों का नाम लेकर स्वयं को जमीन का मालिक बताते रहे, जबकि आवंटी नियमानुसार कार्य कर रहा था।
पुलिस उपायुक्त से की गई शिकायत, केस दर्ज
इस संबंध में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सहायक प्रबंधक राजीव कुमार ने पुलिस उपायुक्त और थाना इकोटेक-3 से लिखित शिकायत की। शिकायत में बताया गया कि 6 जनवरी को धरने पर बैठे लोगों ने खुलेआम कार्य बंद कराने और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्राधिकरण का सख्त संदेश
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अर्जित भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में त्वरित पुलिस कार्रवाई कर दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे, ताकि नियमानुसार विकास कार्य निर्बाध रूप से पूरे हो सकें।

