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बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर की दिशा में अहम प्रगति, 322 वर्ग मीटर भूमि की दूसरी रजिस्ट्री पूरी

वृंदावन स्थित विश्वप्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर निर्माण को लेकर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत आज दूसरी भूमि रजिस्ट्री पूरी कर ली गई, जिससे इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के क्रियान्वयन का मार्ग और अधिक स्पष्ट हो गया है।

322 वर्ग मीटर भूमि का बैनामा, कॉरिडोर निर्माण को मिली गति

बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर के लिए मनीष मिश्रा द्वारा 322 वर्ग मीटर भूमि की रजिस्ट्री कराई गई है। यह कॉरिडोर परियोजना के समर्थन में की गई दूसरी रजिस्ट्री है। इससे पहले पहली रजिस्ट्री 17 जनवरी को संपन्न हुई थी। लगातार हो रही रजिस्ट्रियों से प्रशासन को परियोजना को आगे बढ़ाने में मजबूती मिल रही है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित कमेटी की भूमिका अहम

यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत गठित हाई पावर कमेटी और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से आगे बढ़ रही है। कॉरिडोर निर्माण का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन, बेहतर आवागमन और भीड़ प्रबंधन की सुविधा प्रदान करना है।

प्रशासन का आश्वासन: जमीन, दुकान और मकान का मिलेगा पूरा मुआवजा

इस संबंध में जानकारी देते हुए जिलाधिकारी सी.पी. सिंह ने बताया कि कॉरिडोर परियोजना के लिए किया गया यह दूसरा बैनामा एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि जो भी लोग स्वेच्छा से मंदिर कॉरिडोर के लिए अपनी भूमि, दुकान या मकान देना चाहते हैं, उन्हें नियमानुसार पूरा और उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा।

श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत

भूमि दान करने वाले मनीष मिश्रा का कहना है कि बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर के निर्माण से श्रद्धालुओं को आने-जाने में काफी सहूलियत मिलेगी। भीड़भाड़ की समस्या में कमी आएगी और भक्त सुचारु रूप से भगवान बांके बिहारी के दर्शन कर सकेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना वृंदावन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।

कॉरिडोर से बदलेगा वृंदावन का दर्शन अनुभव

कॉरिडोर निर्माण के बाद मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा, सुविधाएं और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था पहले से कहीं बेहतर होगी। इससे न केवल श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी, बल्कि वृंदावन के धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी।

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