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पुलिस भर्ती परीक्षा में सेंध, मोबाइल के साथ पकड़ा गया ‘मुन्ना भाई

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा के दौरान गोरखपुर में सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। मीना थापा इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी मोबाइल फोन लेकर परीक्षा कक्ष तक पहुंच गया। हालांकि कक्ष निरीक्षक की सतर्कता से समय रहते उसे पकड़ लिया गया, जिससे परीक्षा में संभावित गड़बड़ी टल गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।

जानकारी के अनुसार बिहार निवासी अभ्यर्थी राम प्रकाश ने मोबाइल फोन को रस्सी की मदद से अपने गुप्तांग के पास बांध रखा था। परीक्षा केंद्र के प्रवेश द्वार पर जांच के दौरान मेटल डिटेक्टर से अलार्म बजा, लेकिन अभ्यर्थी ने पुलिसकर्मियों को यह कहकर गुमराह कर दिया कि धातु की चेन होने के कारण आवाज आ रही है। पुलिसकर्मी उसके बहाने में आ गए और उसे आगे जाने की अनुमति दे दी।

बताया जा रहा है कि यदि उस समय अभ्यर्थी की गहन तलाशी ली जाती तो मोबाइल गेट पर ही बरामद हो सकता था। लेकिन सुरक्षा जांच में हुई चूक का फायदा उठाकर वह परीक्षा कक्ष तक पहुंच गया। हालांकि प्रश्नपत्र वितरण से पहले कक्ष निरीक्षक को उस पर संदेह हुआ और तलाशी लेने पर उसके पास से मोबाइल बरामद कर लिया गया। इसके बाद उसे तत्काल पुलिस के हवाले कर दिया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और मेटल डिटेक्टर की मौजूदगी के बावजूद अभ्यर्थी का मोबाइल लेकर परीक्षा कक्ष तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

मामले की जांच के बाद एसएसपी ने परीक्षा केंद्र के गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करते हुए संबंधित उपनिरीक्षकों और सिपाहियों को निलंबित कर दिया तथा विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

गौरतलब है कि जिले के 44 परीक्षा केंद्रों पर पहले दिन दोनों पालियों में कुल 38,928 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी। इनमें 28,237 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 10,691 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।

प्रशासन ने आगामी पालियों की परीक्षा को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सख्त करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि मेटल डिटेक्टर जांच को और प्रभावी बनाया जाएगा तथा संदिग्ध अभ्यर्थियों की गहन तलाशी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि परीक्षा की निष्पक्षता और शुचिता पूरी तरह बरकरार रहे।

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