लखनऊ, उत्तर प्रदेश: प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से जन भवन, लखनऊ में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर केंद्रित संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जन भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सरदार पटेल के जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान, देशी रियासतों के एकीकरण और सामाजिक सुधारों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में सरदार वल्लभभाई पटेल के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन दृढ़ इच्छाशक्ति, परिश्रम, दूरदृष्टि और कुशल नेतृत्व का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ स्वतंत्रता के बाद देशी रियासतों का एकीकरण कर भारत की एकता एवं अखंडता को मजबूत आधार प्रदान किया।
नई पीढ़ी को सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश
राज्यपाल ने कहा कि महापुरुषों के जीवन चरित्र को केवल कहानियों के माध्यम से प्रस्तुत करने के बजाय प्रतियोगिताओं और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाना चाहिए। इससे युवाओं को उनके जीवन संघर्ष, विचारों और आदर्शों से प्रेरणा लेकर अपने व्यक्तित्व का निर्माण करने का अवसर मिलेगा।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी राष्ट्रीय एकता का प्रतीक
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गुजरात में स्थापित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए गठित समिति की अध्यक्षता उन्होंने स्वयं की थी। प्रतिमा को जनभागीदारी और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बनाने के उद्देश्य से देशभर के गांवों से किसानों के कृषि उपकरणों का लोहा, मिट्टी और विभिन्न नदियों एवं जलाशयों का जल एकत्र किया गया था।उन्होंने बताया कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी आज केवल सरदार पटेल की स्मृति का प्रतीक नहीं है, बल्कि पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय विकास का महत्वपूर्ण केंद्र भी बन चुका है।
राष्ट्र निर्माण में सामाजिक भागीदारी महत्वपूर्ण
राज्यपाल ने कहा कि समाज की सामूहिक शक्ति को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना आवश्यक है। समाज में अनेक व्यक्ति और संस्थाएं जनकल्याण के कार्यों में योगदान देना चाहती हैं। जरूरत है कि उनकी ऊर्जा और संसाधनों को सही दिशा प्रदान की जाए।उन्होंने जन भवन की ओर से उत्तर प्रदेश में संचालित जनकल्याणकारी पहलों का उल्लेख करते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों को किट वितरण, बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के टीके उपलब्ध कराने तथा टीबी मरीजों को पोषण एवं सहयोग प्रदान करने जैसे प्रयासों की जानकारी दी।
सरदार पटेल के विचारों और योगदान पर अधिकारियों ने रखे विचार
कार्यक्रम में जन भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन और विचारों के विभिन्न पहलुओं पर व्याख्यान दिए।सुनील कुमार वर्मा ने गृह मंत्री के रूप में सरदार पटेल की भूमिका और देशी रियासतों के एकीकरण पर प्रकाश डाला। पुनीत द्विवेदी ने धर्मांतरण के संबंध में उनके विचार प्रस्तुत किए। कृष्ण कुमार ने सरदार पटेल और महात्मा गांधी के संबंधों पर चर्चा की, जबकि देवव्रत उपाध्याय ने महिला शिक्षा एवं सशक्तीकरण के संदर्भ में उनके विचारों को रेखांकित किया।इसी क्रम में विनय जोशी ने सरदार पटेल और जवाहरलाल नेहरू के संबंधों, प्रवीण शुक्ला ने सामाजिक भेदभाव एवं जाति प्रथा के संबंध में उनके विचारों तथा संतोष कुमार ने उनके जीवन वृत्त पर जानकारी दी।जमाल अहमद ने स्वतंत्रता आंदोलन में सरदार पटेल के योगदान और राष्ट्रीय एकता के प्रति उनके समर्पण पर अपने विचार व्यक्त किए।
राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए सरदार पटेल का योगदान अविस्मरणीय
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के विचारों, आदर्शों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना रहा। राज्यपाल ने उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए समाजसेवा, कर्तव्यनिष्ठा, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन आज भी देश की एकता, अखंडता, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना का प्रेरणास्रोत है।

