लखनऊ में जन भवन स्थित गांधी सभागार में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध शासकीय एवं वित्त पोषित महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में 17 शासकीय और 33 वित्त पोषित महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपने संस्थानों की प्रगति, फैकल्टी स्थिति, शोध एवं प्रकाशन, एमओयू, खेल गतिविधियां, सामाजिक सहभागिता, नैक व एनआईआरएफ रैंकिंग, नामांकन, प्लेसमेंट, पेटेंट और अन्य शैक्षणिक पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
राज्यपाल ने शिक्षकों की संख्या, उनके द्वारा प्रकाशित पुस्तकों का अनुपात, खेलों में विद्यार्थियों की भागीदारी, शैक्षणिक भ्रमण और पौधारोपण अभियानों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के फोटोग्राफ्स जियो-टैगिंग के साथ सुरक्षित रखे जाएं।
उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थियों को प्रेरित करने और सक्रियता बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही रिक्त पदों पर समयबद्ध नियुक्ति सुनिश्चित करने और कम नामांकन की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने प्रयोगशालाओं, कंप्यूटर कक्षों और अन्य बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने शोध एवं अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई। विशेष रूप से तंबाकू, नशा और ड्रग्स के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए अभियान चलाने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने और छात्रावास, किचन व कक्षाओं का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए उन्हें कौशल विकास और नवाचार से जोड़ना आवश्यक है।

